शराब कंपनियों से चंदा लेने वाले शराबबंदी पर कर रहे अनर्गल प्रलाप: उमेश कुशवाहा
पटना, 06 अप्रैल (हि.स.)। जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, इसके बावजूद जुलाई 2023 से जनवरी 2024 के बीच उनकी पार्टी की ओर से शराब कंपनियों से लगभग 46 करोड़ 64 लाख रुपये का चुनावी चंदा लिया जाना, उनकी राजनीतिक दरिद्रता और नैतिक पतन को दर्शाता है।
सोमवार को जारी बयान में कुशवाहा ने कहा कि जब किसी दल की राजनीति शराब कंपनियों से प्राप्त चंदे के सहारे चलती है, तो स्वाभाविक है कि उसके नेता उन्हीं हितों की रक्षा में जुट जाते हैं। यही कारण है कि तेजस्वी यादव शराबबंदी जैसे जनहितकारी निर्णय के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी कर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, उनका यह मंसूबा कभी सफल नहीं होगा।
उमेश कुशवाहा ने कहा कि राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद कई स्वतंत्र सर्वेक्षणों में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और अनुग्रह नारायण सामाजिक अध्ययन संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से किए गए एक सामाजिक सर्वेक्षण में लगभग 90 प्रतिशत से अधिक लोगों ने शराबबंदी के पक्ष में अपनी राय दी और इसे जनहितकारी बताया। वहीं, 80 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने माना कि महिलाओं को अब अकेले बाजार जाने में पहले की अपेक्षा अधिक स्वतंत्रता महसूस होती है। इसके अतिरिक्त, शराबबंदी के कारण आम लोगो के बचत में वृद्धि हुई है और वे अधिक खुशहाल जीवन जी रहे हैं।
एक अन्य रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि शराबबंदी लागू होने के बाद यौन हिंसा के मामलों में 3.6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, साथ ही महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शराबबंदी से न केवल सामाजिक वातावरण में सुधार हुआ है, बल्कि युवाओं के स्वास्थ्य पर भी इसके सकारात्मक प्रभाव पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इन उपलब्धियों को नजरअंदाज कर केवल राजनीतिक लाभ के लिए भ्रामक प्रचार कर रहा है, जिसे जनता भली-भांति समझती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी