सुपौल में आरटीआई की अनदेखी पर पुलिस अधिकारी पर 25 हजार का जुर्माना

 

सुपौल, 01 मई (हि.स.)। सूचना के अधिकार आरटीआई कानून की अनदेखी एक पुलिस अधिकारी को महंगी पड़ गई। राज्य सूचना आयोग ने सुपौल के तत्कालीन लोक सूचना पदाधिकारी सह पुलिस निरीक्षक (वर्तमान में पुलिस उपाधीक्षक, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-12) वासुदेव राय पर 25 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है।

मामला आरटीआई आवेदन स्वीकार न करने से जुड़ा है। सुपौल निवासी आरटीआई कार्यकर्ता निकेश कुमार झा उर्फ राघव ने बताया कि उन्होंने निबंधित डाक के माध्यम से आवेदन भेजा था, लेकिन संबंधित कार्यालय ने उसे लेने से इनकार कर दिया, जिसके कारण डाक वापस लौट गया।

इस मामले की सुनवाई 30 जनवरी को हुई थी, जबकि आदेश पर 10 फरवरी को हस्ताक्षर किए गए। हालांकि आदेश की प्रति आवेदक को 25 अप्रैल को प्राप्त हुई। सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारी ने दावा किया कि उन्हें कोई डाक प्राप्त नहीं हुआ।

जांच के दौरान आयोग ने डाक पहुंचाने वाले कर्मचारी लालदेव राम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए साक्ष्य के लिए बुलाया। डाकिया ने स्पष्ट बयान दिया कि वह निबंधित डाक लेकर कार्यालय गया था, लेकिन वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे स्वीकार करने से मना कर दिया। उस समय संबंधित अधिकारी भी कार्यालय में मौजूद थे।

राज्य सूचना आयुक्त ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए माना कि आरटीआई आवेदन को जानबूझकर स्वीकार नहीं किया गया। इसके बाद आयोग ने 25 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया और मामले को आगे की विभागीय कार्रवाई के लिए बिहार के पुलिस महानिदेशक को भेज दिया है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र