पीएमएफएमई योजना से खाद्य प्रसंस्करण उद्यम को मिल रही नई उड़ान

 


भागलपुर, 18 जुलाई (हि.स.)। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। जीविका से जुड़ी महिला उद्यमी इस योजना का लाभ लेकर अपने खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का विस्तार कर रही हैं तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रही हैं।

भागलपुर जिले के कहलगांव प्रखंड अंतर्गत देवरी महेशपुर गांव की रहने वाली शीला देवी, शिवगुरु जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। उन्होंने समूह से 75 हजार रुपये का ऋण प्राप्त कर खाद्य प्रसंस्करण उद्यम की शुरुआत की।

अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई-सीड कैपिटल) का लाभ लिया, जिसके अंतर्गत उन्हें 40 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई।

इस सहयोग से उन्होंने अपने उद्यम का विस्तार किया और आज अपने घर से विभिन्न प्रकार के अचार, मुरब्बा, बांस का मुरब्बा, बड़ी, पापड़, मशरूम का अचार, आंवला का अचार, लहसुन एवं मिर्च का अचार, चना, कुरथी, मसूर, अरहर, मूंग, उड़द की दाल तथा राजमा जैसे उत्पादों का निर्माण एवं विपणन कर रही हैं। उनके उद्यम में वर्तमान में 13 जीविका दीदियां रोजगार भी प्राप्त कर रही हैं। इसी प्रकार बिहपुर प्रखंड के बभनगामा पंचायत की निवासी सुनीता देवी, जय महादेव जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं।

उन्होंने समूह से ऋण लेकर अपने घर से दाल-बड़ी एवं पापड़ बनाने का कार्य प्रारंभ किया है। गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के कारण उनके उत्पादों की स्थानीय बाजार में अच्छी मांग है। अब वह अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहती हैं और इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत आवेदन किया है।

सुनीता देवी का कहना है कि योजना से वित्तीय सहायता मिलने पर वह आधुनिक मशीनों की सहायता से उत्पादन क्षमता बढ़ाएंगी, बेहतर पैकेजिंग करेंगी तथा अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का प्रयास करेंगी। जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक सुनिर्मल गरेन ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में कार्यरत ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में भागलपुर जिले में 640 महिला उद्यमियों को योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से अब तक 142 महिला उद्यमियों द्वारा आवेदन अपलोड किया जा चुका है। वहीं, पिछले वित्तीय वर्ष तक जिले की 718 महिला उद्यमियों को इस योजना का लाभ मिल चुका है।

योजना के माध्यम से महिलाएं अपने खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का विस्तार कर रही हैं, आधुनिक तकनीक अपना रही हैं तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित कर रही हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर