पीएम विश्वकर्मा योजना से आधुनिक बाजार तक पहुंचेंगे पारंपरिक कारीगर, सुपौल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

 




सुपौल, 06 नवंबर (हि.स.)। पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को आर्थिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने तथा उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला उद्योग केंद्र, सुपौल के सम्मेलन कक्ष में पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत एमएसएमई-डीएफओ, मुजफ्फरपुर की ओर से किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ एमएसएमई-डीएफओ, मुजफ्फरपुर के अन्वेषक भीमसेन, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक मनोज कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) बागेश कुमार झा सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम में मौजूद पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों एवं पारंपरिक कारीगरों को योजना के विभिन्न प्रावधानों और उससे मिलने वाले लाभों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इस दौरान विशेष रूप से उत्पादों की ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग, गुणवत्ता में सुधार, बाजार में उत्पादों की पहचान बनाने, डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिक्री बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की गई।

बदलते दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते महत्व को देखते हुए कारीगरों को अपने व्यवसाय में आधुनिक तकनीक के उपयोग के बारे में भी बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल माध्यमों और प्रभावी मार्केटिंग के जरिए पारंपरिक कारीगर अपने उत्पादों को स्थानीय बाजार से आगे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचा सकते हैं।

इस अवसर पर लाभार्थियों को योजना के तहत उपलब्ध ऋण सुविधा, वित्तीय सहायता एवं बैंकिंग प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी गई। उन्हें स्वरोजगार शुरू करने, अपने पारंपरिक व्यवसाय को विस्तार देने तथा सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के कौशल को विकसित करना, उन्हें आर्थिक एवं तकनीकी सहायता प्रदान करना और उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। आधुनिक तकनीक और विपणन के बेहतर इस्तेमाल से कारीगर आत्मनिर्भर बन सकते हैं तथा रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर सकते हैं।

कार्यक्रम में पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों, विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र