सुपौल में पीएम सूर्यघर योजना को बढ़ावा, सोलर लगाने पर ₹78 हजार तक सब्सिडी

 


सुपौल, 30 जुलाई (हि.स.)। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक इसका लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से गुरुवार को विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, सुपौल/राघोपुर की ओर से एक महत्वपूर्ण समीक्षा एवं जागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के तहत घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित कराने की प्रक्रिया, पात्रता, सब्सिडी और प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का प्रयास किया जाए। बैठक में उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, सुपौल के अलावा त्रिवेणीगंज, पिपरा, सिमराही और निर्मली के कार्यपालक पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं विद्युत कार्यपालक अभियंता आलोक कुमार, सभी सहायक एवं कनीय विद्युत अभियंता सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मी भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। इस योजना के तहत इच्छुक घरेलू बिजली उपभोक्ताओं की छतों पर सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाया जा रहा है, जिससे उपभोक्ता अपनी बिजली की जरूरत का बड़ा हिस्सा स्वयं पूरा कर सकते हैं। इससे बिजली बिल में कमी आने के साथ-साथ स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत सरकार उपभोक्ताओं को आकर्षक सब्सिडी उपलब्ध करा रही है। एक किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाने पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के सोलर प्लांट पर अधिकतम 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा जिन उपभोक्ताओं को आर्थिक सहायता की आवश्यकता है, उनके लिए मात्र छह प्रतिशत की न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण की भी व्यवस्था की गई है, ताकि वे आसानी से सोलर सिस्टम स्थापित करा सकें।

बैठक में अधिकारियों ने योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की भी जानकारी दी। आवेदन के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बिजली उपभोक्ता संख्या, बैंक पासबुक की प्रति तथा मकान की छत से संबंधित स्वामित्व प्रमाण पत्र आवश्यक होंगे। अधिकारियों ने कहा कि सभी पात्र उपभोक्ता समय पर आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं। बैठक के दौरान सभी नगर निकायों एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाएं। पंचायतों, नगर क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को योजना की जानकारी दी जाए ताकि अधिक से अधिक परिवार सोलर ऊर्जा से जुड़ सकें। अधिकारियों ने कहा कि यह योजना न केवल उपभोक्ताओं के बिजली खर्च को कम करेगी बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

विभाग की ओर से बताया गया कि इच्छुक उपभोक्ता पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिन लोगों को ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी हो रही है, वे अपने नजदीकी विद्युत कार्यालय पहुंचकर भी आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

विद्युत विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और स्वच्छ ऊर्जा अपनाकर बिजली की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र