सदर अस्पताल में मेडिकल कचरे का ढेर, बदबू से मरीज-कर्मचारी परेशान

 


किशनगंज, 27 मार्च (हि.स.)। सदर अस्पताल किशनगंज में स्वास्थ्य सुविधाओं की गंभीर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल परिसर स्थित पोस्टमार्टम रूम के पास मेडिकल कचरे का बड़ा ढेर जमा हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में तेज दुर्गंध फैल रही है। इस स्थिति से मरीजों, उनके परिजनों के साथ-साथ अस्पताल कर्मियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार पोस्टमार्टम रूम के आसपास प्लास्टिक की बोतलें, इस्तेमाल किए गए सिरिंज, सुई, पट्टियां, खून से सने कपड़े और अन्य बायोमेडिकल वेस्ट का अंबार लगा हुआ है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से कचरा नहीं हटाए जाने के कारण बदबू इतनी तेज हो गई है कि आसपास खड़ा रहना भी मुश्किल हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल कचरे का सही तरीके से निस्तारण नहीं होने पर संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

इससे एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और सी जैसे गंभीर रोगों के फैलने की आशंका बनी रहती है। पोस्टमार्टम रूम के पास कचरा जमा होने से शवों से जुड़े संक्रमण का जोखिम भी बढ़ गया है। सदर अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिनमें बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं, जो इस स्थिति से अधिक प्रभावित हो सकते हैं।

अस्पताल कर्मियों ने भी समस्या को गंभीर बताया है। नाम न छापने की शर्त पर एक नर्स ने बताया कि बदबू के कारण उन्हें सिरदर्द और सांस लेने में परेशानी होती है। कर्मचारियों का कहना है कि सफाई ठेकेदार समय पर कचरा उठाने वाली गाड़ी नहीं भेजता, जिसके कारण कचरा जमा होता जा रहा है।

सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी ठेकेदार पर होने के बावजूद नियमित निगरानी के अभाव में समस्या लगातार बनी हुई है। इससे अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द मेडिकल कचरे के निस्तारण और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि मरीजों और कर्मचारियों को राहत मिल सके।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह