पंचायत विकास योजना पर जनप्रतिनिधियों का प्रशिक्षण
सुपौल, 05 अगस्त (हि.स.)। जिला परिषद सभागार में बुधवार को उप विकास आयुक्त इन्द्रवीर कुमार की अध्यक्षता में पंचायत विकास योजना विषय पर एक दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिले के सभी जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति के प्रमुख एवं उप प्रमुख, अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद तथा जिला पंचायत संसाधन केंद्र के कर्मी शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद इन्द्रवीर कुमार ने बताया कि 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक केंद्र सरकार से प्राप्त होने वाली अनुदान राशि के त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के बीच वितरण, उपयोग, क्रियान्वयन और व्यय को लेकर विभागीय दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को इन दिशा-निर्देशों तथा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित आवश्यक अर्हताओं एवं शर्तों की जानकारी देते हुए उसी के अनुरूप विकास योजनाओं का चयन करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंचायतों में विकास कार्यों की व्यापक संभावनाएं हैं। सभी जनप्रतिनिधि समयबद्ध तरीके से योजनाओं का चयन करें, ताकि एक सप्ताह के भीतर चयनित योजनाओं को ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड किया जा सके और विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।
प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र में जिला पंचायत संसाधन केंद्र के नोडल पदाधिकारी राजेश कुमार गुप्ता ने पंचायत विकास योजना एवं 16वें वित्त आयोग से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं जिला पंचायत कार्यालय के जिला प्रोग्रामर अमन कुमार ने ई ग्राम स्वराज पोर्टल के संचालन, योजना प्रविष्टि एवं ऑनलाइन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत स्तर पर योजनाओं के प्रभावी चयन, पारदर्शी क्रियान्वयन तथा समयबद्ध ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित कर ग्रामीण विकास कार्यों को गति देना रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र