छपरा में 9 जुलाई को परमहंस दयाल समाधि स्मृति समारोह में निकलेगी पदयात्रा

 




सारण, 06 जुलाई (हि.स.)। प्रेमाद्वैत पंथ के प्रवर्तक और अध्यात्म की दुनिया में विश्व स्तर पहचान बनाने वाले संत परमहंस दयाल अद्वैतानंद महाराज की स्मृति में आगामी 9 जुलाई को परमहंस दयाल समाधि स्मृति समारोह एवं पदयात्रा का आयोजन होने जा रहा है।

रौजा स्थित ब्रह्म विद्यालय एवं आश्रम में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान व्यासानंद महाराज ने इस आयोजन की विस्तृत रूपरेखा साझा की। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए महात्मा व्यासानंद ने महाराज जी के छपरा से जुड़ाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सारण की यह पावन भूमि अत्यंत सौभाग्यशाली है, क्योंकि इसी जिले के मांझी प्रखंड के नंदपुर गांव में महाराज का अवतरण हुआ था। इसके साथ ही उनका पालन-पोषण, गुरु-मिलन और आत्मज्ञान की प्राप्ति भी इसी छपरा क्षेत्र की धरती पर हुई थी। बाद में उन्होंने पाकिस्तान के टेरी खैबर पखतूनख्वा से अपने विचारों की अलख जगाकर विश्वव्यापी पहचान बनाई। छपरा वासियों को उनके दिव्य जीवन, कृतित्व और कल्याणकारी प्रेमाद्वैत दर्शन से परिचित कराने के उद्देश्य से ही प्रतिवर्ष इस समारोह और यात्रा का आयोजन किया जाता है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह आध्यात्मिक पदयात्रा 9 जुलाई को प्रातः ठीक 5:30 बजे ब्रह्म विद्यालय एवं आश्रम, नंदपुर मांझी से स्वामी सत्यानंद महाराज परमहंस के सान्निध्य में प्रारम्भ होगी। यह यात्रा कोपा, देवरिया, टेकनिवास, ब्रह्मपुल और दहियावां होते हुए सबसे पहले परमहंस दयाल जन्मभूमि मंदिर पहुंचेगी। वहां श्रद्धालुओं द्वारा माथा टेकने और पूजा-अर्चना के बाद यात्रा पुनः आगे बढ़ेगी। इसके बाद यह नगर के प्रमुख मार्गों राजेंद्र स्टेडियम, थाना चौक, कटहरी बाग, गांधी चौक और भिखारी चौक होते हुए वापस रौजा स्थित ब्रह्म विद्यालय एवं आश्रम परिसर में पहुंचकर संपन्न होगी। इस अवसर पर ओंकारानंद, स्रष्टानंद, निर्मलप्रकाशानंद और समाजसेवी डॉ. राणा यशवंत प्रताप सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार