खुले शौचालय टैंक में गिरने से सात वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत, ढक्कन नहीं होने से हुआ हादसा
सुपौल, 27 जुलाई (हि.स.)। जिले के किशनपुर प्रखंड अंतर्गत करहैया पंचायत के अभुआर गांव के वार्ड संख्या-5 में रविवार को एक हृदयविदारक हादसे में सात वर्षीय बच्ची की जान चली गई।
मृत बच्ची की पहचान संजय मुखिया की पुत्री जूली कुमारी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब तीन बजे जूली कुमारी गांव के ही संतोष कुमार झा की बांसबाड़ी में सूखी जलावन लकड़ी चुनने गई थी। उसके साथ गांव की एक अन्य बच्ची भी मौजूद थी। इसी दौरान वहां निर्माणाधीन रिंगनुमा शौचालय टैंक पर ढक्कन नहीं होने के कारण जूली का पैर फिसल गया और वह सीधे खुले टैंक में जा गिरी।
साथ मौजूद दूसरी बच्ची ने शोर मचाकर लोगों को बुलाने का प्रयास किया, लेकिन तत्काल कोई मौके पर नहीं पहुंच सका। बाद में वह दौड़कर जूली के घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पहुंचे तथा बच्ची को टैंक से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।घटना के बाद मृतका के घर में कोहराम मच गया।
बताया जाता है कि जूली चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। बेटी की असमय मौत से मां गीता देवी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी मातम का माहौल बना हुआ है।
घटना की सूचना पर किशनपुर थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
थानाध्यक्ष ने बताया कि बच्ची की कम उम्र को देखते हुए परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया और मामले का रिकॉर्ड दर्ज कर लिया गया।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने निर्माणाधीन और बिना ढक्कन वाले शौचालय टैंकों को गंभीर खतरा बताते हुए प्रशासन से ऐसे सभी खुले टैंकों को तत्काल सुरक्षित कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते टैंक को ढक दिया गया होता, तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र