समाहरणालय में युवाओं का एकदिवसीय भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन

 


अररिया 20 जुलाई(हि.स.)।

अररिया समाहरणालय परिसर में सोमवार को दिल्ली के जंतर मंतर के अनशनकारियों और सोनम वांगचुक के समर्थन में एकदिवसीय भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन किया गया, जिसमें यूथ यूनियन,बिहार यूथ ऑर्गेनाइजेशन,ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन और स्टूडेंट फ्रंट के कार्यकर्ता शामिल हुए।समाहरणालय परिसर स्थित भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन का नेतृत्व शाकिब राजा ने की,जबकि संचालन ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के जिला सचिव अब्दुर रहमान ने किया।

भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन में शामिल युवा भारत सरकार के मानव संसाधन विकास एवं शिक्षा मंत्री डॉ धर्मेन्द्र प्रधान की इस्तीफा की मांग कर रहे थे।शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के साथ अनशनकारी सोनम वांगचुक के ऊपर हुए पुलिसिया कार्रवाई का विरोध में जमकर नारेबाजी की गई।भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन के बाद शाम को कैंडल मार्च निकाला गया,जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए चांदनी चौक पर आकर समाप्त हुआ।शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर कैंडल मार्च में शामिल युवा तख्तियां लिए हुए थे।

मौके पर वक्ताओं ने केन्द्र सरकार की हठधर्मिता और बार बार नीट सहित अन्य परीक्षा प्रश्न पत्र लीक मामले के लिए केन्द्र सरकार और शिक्षा मंत्री पर दोषारोपण करते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे।वक्ताओं ने कहा कि 2014 से अभी तक 90 प्रतियोगिता परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक हुए हैं,जबकि 17 छात्र छात्राओं ने नीट परीक्षा प्रश्न पत्र लीक के कारण खुदकुशी कर ली,बावजूद इसके शिक्षा मंत्री अपनी नाकामी की जिम्मेवारी नहीं ले रहे हैं और यह किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।

वक्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई अब व्यक्ति विशेष की नहीं रह गई है,बल्कि पूरे देश की लड़ाई है।पूरा देश जग चुका है और देश बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर के संविधान पर चलेगा, न कि किसी व्यक्ति विशेष की हठधर्मिता और गैर लोकतांत्रिक व्यवस्था से।

मौके पर दर्जनों वक्ताओं ने अपने विचार प्रकट किए।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर