अक्टूबर क्रांति दिवस पर वामपंथियों ने भरी हुंकार, सांप्रदायिक व साम्राज्यवादी ताकतों के खिलाफ आंदोलन तेज करने का लिया संकल्प
भागलपुर, 07 नवंबर (हि.स.)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के स्थानीय कार्यालय नागेश्वर भवन, भीखनपुर में शनिवार को अक्टूबर क्रांति दिवस पूरे उत्साह और क्रांतिकारी संकल्पों के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी के वरिष्ठ नेता कॉमरेड अर्जुन सिंह द्वारा झंडोत्तोलन के साथ हुई। इसके पश्चात उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहीद वेदी पर पुष्पांजलि अर्पित कर क्रांतिकारियों को नमन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कॉमरेड ब्रह्मदेव सिंह यादव एवं अन्य वक्ताओं ने अक्टूबर क्रांति के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि महान अक्टूबर क्रांति विश्व इतिहास की एक ऐसी प्रेरक घटना है, जिसने पूरी दुनिया को साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद के विरुद्ध संघर्ष करने की नई रोशनी दी। इस क्रांति ने वैश्विक स्तर पर सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक परिवर्तनों का मार्ग प्रशस्त किया। भारत के स्वतंत्रता संग्राम को भी इससे एक नई वैचारिक धारा मिली, जिससे आजादी की लड़ाई एक व्यापक जनांदोलन में तब्दील हुई और इसमें मजदूर, किसान, छात्र, नौजवान तथा सांस्कृतिककर्मियों ने ऐतिहासिक भूमिका निभाई। वर्तमान राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज देश में साम्राज्यवादी नीतियों के कारण महंगाई, बेरोजगारी, भुखमरी और भ्रष्टाचार चरम पर है। जनता का ध्यान इन बुनियादी समस्याओं से भटकाने के लिए सांप्रदायिक ताकतें देश में नफरत फैलाने का काम कर रही हैं। वक्ताओं ने कहा कि ‘एसआईआर’ के खिलाफ चल रहा देशव्यापी आंदोलन भी साम्राज्यवाद और सांप्रदायिकता के विरुद्ध संघर्ष का ही हिस्सा है। आज के दौर में इन ताकतों के खिलाफ आंदोलन को और तेज करना ही अक्टूबर क्रांति के संदेश को सार्थक बनाना है। सभा को सीपीआई के राज्य परिषद सदस्य और पूर्व जिला सचिव डॉ. सुधीर शर्मा, सहायक जिला सचिव संजीत सुमन, मनोहर शर्मा, देवचंद्र झा, अभिमन्यु मंडल और देवकुमार यादव ने मुख्य रूप से संबोधित किया। इस अवसर पर सचिन कुमार, डॉ. अवधेश, महावीर प्रसाद सिंह, अरविंद यादव, आर. के. सिंह, जयप्रकाश दास, शिवेंद्र वर्मा, मो. मुस्ताक सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर