पोषण मेले में गर्भवती महिला की हुई गोद भराई, बच्चों का कराया अन्नप्राशन
सुपौल, 08 अक्टूबर (हि.स.)। नगर पंचायत पिपरा क्षेत्र अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 109 पर पोषण मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन प्रभारी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी रंजना कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिला की पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ गोद भराई की रस्म कराई गई। वहीं छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया।
इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्र पर उत्साहपूर्ण माहौल रहा। पोषण मेले में उपस्थित महिलाओं और अभिभावकों को बच्चों के समुचित पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। लोगों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में बताया गया। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन लेने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आयरन और कैल्शियम जैसी आवश्यक दवाओं का सेवन करने के प्रति जागरूक किया गया।
माताओं को बच्चों के शुरुआती छह माह के पोषण को लेकर भी जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि जन्म के बाद छह माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराया जाना चाहिए। छह माह की आयु पूरी होने के बाद बच्चे की उम्र और जरूरत के अनुसार स्तनपान के साथ पौष्टिक ऊपरी आहार शुरू करना जरूरी है। इससे बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में मदद मिलती है और कुपोषण से बचाव होता है।
प्रभारी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी रंजना कुमारी ने कहा कि स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे ही मजबूत समाज की नींव हैं। बच्चों को कुपोषण से बचाने में परिवार के साथ समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लाभुकों तक पहुंचाने के साथ-साथ पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन के शुरुआती वर्ष उनके विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस अवधि में उचित पोषण, नियमित स्वास्थ्य देखभाल और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है। पोषण मेले जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के परिवारों को पोषण संबंधी सही जानकारी देकर व्यवहार में बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।
गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम में महिलाओं और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं विकास के लिए पौष्टिक भोजन और स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र