होली से पहले शहर में भरा कचरा, प्रशासन कठघरे में

 




सीवान, 03 मार्च (हि.स.)।

होली की खुशियों पर इस बार गंदगी की परत चढ़ गई है। पर्व से ठीक एक दिन पहले शहर की सड़कों पर जो दृश्य दिखा, उसने नगर प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बकाया वेतन नहीं मिलने से नाराज नगर परिषद के सफाई कर्मियों ने खुला विद्रोह करते हुए सड़क पर कचड़ा फेंक कर विरोध जताया।

शहर के डीएवी मोड़ और आर्य कन्या स्कूल के पास ठेले से कचड़ा लाकर सड़क पर उढेल कर उसमें आग लगा दिया गया। कचड़ा फैलाकर जाम की स्थिति बनाने की कोशिश की गई, जिससे राहगीर, स्कूली बच्चे और दुकानदार बेहाल दिखे। त्योहार के ऐन मौके पर यह हालात प्रशासन की तैयारी पर करारा तमाचा माना जा रहा है।

प्रदर्शन कर रहे कर्मियों का आरोप है कि बकाया भुगतान का आश्वासन बार-बार दिया गया, लेकिन राशि अब तक खातों में नहीं पहुंची। उनका सवाल सीधा है—जब जेब खाली है तो परिवार के साथ होली कैसे मनाएं?

कर्मियों ने कहा है कि अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा। यहां तक चेतावनी दी गई कि जरूरत पड़ी तो पूरा शहर कचड़े के ढेर के बीच होली मनाने को मजबूर होगा।

घटना के बाद भी मौके पर त्वरित समाधान नहीं दिखा। आम लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर त्योहार से पहले भुगतान सुनिश्चित क्यों नहीं किया गया? क्या प्रशासन हालात बिगड़ने का इंतजार कर रहा था?

बड़ा सवाल क्या जिला प्रशासन होली से पहले बकाया भुगतान जारी कर स्थिति संभालेगा, या फिर शहर को बदबू और अव्यवस्था के बीच त्योहार मनाना पड़ेगा?

फिलहाल सीवान में माहौल गर्म है। जनता की नजरें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं—क्योंकि इस बार मुद्दा सिर्फ वेतन का नहीं, शहर की साख और त्योहार की गरिमा का भी है।

इधर नगर परिषद सफाई कर्मचारी यूनियन के नेता अमित कुमार ने बताया कि आज विरोध करने वाले सफाईकर्मी किसी एक एनजीओ के है,जिन्हें सफाई करने का निविदा मिला है।

उन्होंने कहा कि इन सफाईकर्मियों के प्रति भी हमारी सहानुभूति है.उन्होंने बताया कि नगर परिषद के सभी सफाई कर्मियों को होली के पहले वेतन विभाग द्वारा दे दिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma