बिना लाइसेंस चल रही आइसक्रीम फैक्ट्रियों पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज
सुपौल, 03 जून (हि.स.)। जिले के राघोपुर प्रखंड के विभिन्न गांवों में संचालित आइसक्रीम निर्माण इकाइयों को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई इकाइयां बिना वैध लाइसेंस के संचालित हो रही हैं और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन में भी लापरवाही बरती जा रही है। इसे लेकर लोगों ने प्रशासन से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार राघोपुर थाना क्षेत्र के हरिपुर, हुलास, गढ़ी, पिंगलास तथा राघोपुर पंचायत में करीब एक दर्जन छोटी-बड़ी आइसक्रीम निर्माण इकाइयां संचालित हैं। आरोप है कि इनमें से अधिकांश इकाइयों के पास खाद्य सुरक्षा विभाग की आवश्यक स्वीकृति या लाइसेंस नहीं है, फिर भी यहां निर्मित उत्पाद खुलेआम बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में बेचे जा रहे हैं।
मामले की पड़ताल के दौरान हरिपुर पंचायत के हनुमाननगर वार्ड-8 स्थित एक आइसक्रीम इकाई के संचालक ने स्वीकार किया कि उनके पास किसी विभाग का लाइसेंस नहीं है।
उन्होंने बताया कि वह पिछले करीब दो वर्षों से इस व्यवसाय से जुड़े हैं, लेकिन लाइसेंस लेने की प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। संचालक का यह भी कहना था कि क्षेत्र में कई अन्य लोग भी इसी तरह कारोबार कर रहे हैं। ग्रामीणों ने निर्माण स्थलों की स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उत्पादन इकाइयों में साफ-सफाई का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जाता और उपयोग में लाए जाने वाले रंग, फ्लेवर तथा अन्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती। ऐसे में खासकर बच्चों और युवाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी तथा खाद्य सुरक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि कुछ निर्माता प्रसिद्ध ब्रांडों से मिलते-जुलते नाम और फ्लेवर का इस्तेमाल कर उपभोक्ताओं को भ्रमित कर रहे हैं।
इधर, वीरपुर के एसडीएम नीरज कुमार ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र