नेपाल संसद में बजट भाषण को लेकर भारतीय वाहनों के प्रवेश पर रोक,बॉर्डर पर रही अफरातफरी
अररिया 29 मई(हि.स.)।
नेपाल सरकार की ओर से शुक्रवार को काठमांडू स्थित संसद में बजट भाषण को लेकर भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर भारतीय नंबर के वाहनों को रोक दिया गया और नेपाल में प्रवेश करने नहीं दिया गया।जिससे जोगबनी मुख्य बॉर्डर पर दिनभर अफरातफरी का माहौल रहा।
सीमा शुल्क (भंसार) का सिस्टम बंद होने से सीमा पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे आमलोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नेपाल में आगामी वित्तीय वर्ष के बजट भाषण को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों से भारतीय नंबर प्लेट वाले सभी वाहनों के नेपाल प्रवेश पर शुक्रवार को संध्या (शाम) तक के लिए पूरी तरह रोक लगी रही।
नेपाल कस्टम विभाग द्वारा अचानक लिए गए इस फैसले के कारण सीमाई इलाके और चेकपोस्ट पर भारी अफरातफरी का माहौल बन गया।बिना किसी पूर्व सूचना के बॉर्डर सील होने की वजह से नेपाल और भारत के दूर-दराज के इलाकों से आए यात्रियों व वाहन चालकों को भीषण गर्मी के बीच भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
नेपाल की नई गठबंधन सरकार के वित्त मंत्री डॉ स्वर्णिम वागले द्वारा शुक्रवार को काठमांडू स्थित संघीय संसद की संयुक्त बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष का बजट पेश किया गया।
नेपाल कस्टम के अधिकारियों के अनुसार, बजट भाषण के दौरान और उसके तुरंत बाद केंद्रीय राजस्व और आयात-निर्यात शुल्क के करों में नए बदलाव और संशोधन किए जाते हैं,जिसके अनुसार ही चालान काटा जाता है। इन बदलावों को मुख्य ऑनलाइन सर्वर और डिजिटल सिस्टम में अपडेट किया जाता है।इस तकनीकी प्रक्रिया के कारण ही भारतीय वाहनों के प्रवेश पर रोक लगी रही।
बॉर्डर पर मुस्तैद भारतीय सुरक्षा बल एसएसबी के जवानों ने शुक्रवार सुबह से ही नियमों का हवाला देते हुए भारतीय क्षेत्र से ही सभी चार पहिया और दो पहिया वाहनों को वापस लौटाना शुरू कर दिया।
भारतीय वाहनों को वाहन मालिक जोगबनी रेलवे स्टेशन के पार्किंग स्थल पर पार्किंग कर पैदल नो मैंस लैंड एरिया को पारकर नेपाल पहुंचे और फिर नेपाली नंबर की गाड़ियों से नेपाल में अपने गंतव्य स्थान के लिए रवाना हुए।टैक्सेशन का डाटा अपडेट के बाद ही शनिवार से भारतीय गाड़ियों का नेपाल में प्रवेश हो पाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर