बिहार में राज नहीं, सेवा की मिसाल बने नीतीश कुमार : रवि कुमार
भागलपुर, 15 अप्रैल (हि.स.)। जदयू प्रवक्ता रवि कुमार ने बुधवार को एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि नीतीश कुमार के स्वर्णिम युग का अंत केवल एक राजनीतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि बिहार के करोड़ों लोगों के दिलों से जुड़ी एक संवेदनात्मक यात्रा का विराम है। उन्होंने कहा कि जब-जब बिहार अंधकार, अव्यवस्था और निराशा में घिरा था, तब-तब नीतीश कुमार एक उम्मीद की किरण बनकर सामने आए। उन्होंने सिर्फ सरकार नहीं चलाई, बल्कि समाज के हर उस व्यक्ति के जीवन में उजाला भरने का काम किया, जो वर्षों से उपेक्षित और वंचित था।
रवि कुमार ने भावुक होते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने अपने जीवन की हर सांस बिहार को समर्पित कर दी। उन्होंने सत्ता को कभी साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम माना। आज जब उनके पद छोड़ने की बात सामने आती है, तो यह सिर्फ एक नेता का इस्तीफा नहीं, बल्कि करोड़ों दिलों का दर्द बन जाता है। गांव-गांव, गली-गली में लोग खुद को अनाथ सा महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता के खिलाफ उनकी अडिग लड़ाई ने बिहार को एक नई पहचान दी। पिछड़ों, दलितों, महादलितों और महिलाओं के उत्थान के लिए उन्होंने जो ऐतिहासिक कदम उठाए, उसने हजारों नहीं, बल्कि लाखों घरों में उम्मीद की नई रोशनी जलाई। साइकिल योजना से स्कूल जाती बेटियों की मुस्कान, छात्रवृत्ति से पढ़ते बच्चों के सपने, और महिलाओं के आत्मविश्वास में आया बदलाव — ये सब उनके कार्यों की जीवंत मिसाल हैं।
रवि कुमार ने कहा कि सड़कों का जाल, पुल-पुलियों का निर्माण, हर घर बिजली, छात्र क्रेडिट कार्ड, कन्या उत्थान, मेधा छात्रवृत्ति, उद्यमी योजनाएं — ये सिर्फ योजनाएं नहीं, बल्कि बिहार के पुनर्जन्म की कहानी हैं। आज का बिहार सिर उठाकर खड़ा है, और इसका श्रेय पूरी तरह नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व को जाता है। नीतीश कुमार केवल एक नाम नहीं, बल्कि बिहार के आत्मसम्मान, संघर्ष और विकास की पहचान हैं। उन्हें भुला पाना असंभव है, और बिहार की जनता उन्हें हमेशा अपने दिलों में संजोकर रखेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर