नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग

 


भागलपुर, 04 जून (हि.स.)। भारती शिक्षा समिति बिहार एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति बिहार के तत्वावधान में आयोजित सैनिक स्कूल गणपतराय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर नरगाकोठी में चल रहे नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग एवं सेवा स्थायित्व प्रशिक्षण वर्ग के तहत गुरूवार का प्रारंभ गयाजी के विभाग निरीक्षक उमाशंकर पोद्दार, मुंगेर के जिला निरीक्षक वीरेंद्र कुमार एवं रोहतास के विभाग निरीक्षक धरणीकांत पांडेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

पाठ योजना प्रस्तुतीकरण के पूर्व प्रशिक्षणार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए उमाशंकर पोद्दार से कहा कि शिक्षण प्रक्रिया विद्यार्थियों की रुचियों और गति के अनुसार होनी चाहिए। बाल केंद्रित क्रिया आधारित शिक्षण आचार्यों को करनी चाहिए। 40 मिनट की कक्षा में बताए गए नियमों के अनुसार समय निर्धारण पूर्व में करके कक्षा में प्रवेश करना चाहिए। अच्छी शिक्षण विधि वही है जो बच्चों की उम्र,ज्ञमानसिक स्तर और सीखने के अनुकूल हो। कक्षा में भैया बहनों की सक्रिय भागीदारी और रचनात्मकता को बढ़ावा देना है। बच्चों को व्यावहारिक अनुभव, प्रोजेक्ट्स और मॉडल बनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। बच्चों को निर्भीक बनाना है, जिससे वो बिना किसी डर के प्रश्न पूछ सके और अपनी रचनात्मकता को व्यक्त कर सके।

पाठ योजना निर्माण में चयनित प्रशिक्षणार्थियों द्वारा आज तीन सत्रों में पाठ्य प्रस्तुतीकरण किया गया। उसमें से स्थान प्राप्त करने वाले चयनित प्रशिक्षणार्थी को बाद में पुरस्कृत किया जाएगा। इस अवसर पर वर्ग के प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह, ब्रह्मदेव प्रसाद, लाल बाबू प्रसाद, डॉ रमेश मणि पाठक, गंगा चौधरी, परमेश्वर कुमार, छठ्ठू साह, रिचा कुमारी, सुप्रिया कुमारी, वंदना पांडेय एवं सभी प्रशिक्षणार्थी आचार्य उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर