बिजली काटे जाने के विरोध में ग्रामीणों ने पावरग्रिड एवं प्रखंड कार्यालय का किया घेराव
नवादा, 28 फ़रवरी (हि.स.)।नवादा जिला के कौआकोल प्रखंड अंतर्गत लालपुर पंचायत के गुआघोघरा गांव में शनिवार को उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब विद्युत विभाग द्वारा कथित रूप से बकाया बिजली बिल के कारण पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। सामूहिक रूप से बिजली काटे जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने पावरग्रिड कार्यालय और प्रखंड कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत विभाग ने बिना पूर्व सूचना और बिना सत्यापन के पूरे गांव की बिजली आपूर्ति ठप कर दी, जबकि गांव के कई परिवार नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल देवेंद्र यादव, मंटू कुमार, प्रमोद कुमार, श्रवण कुमार, कपिलदेव प्रसाद और बलराम प्रसाद सहित दर्जनों ग्रामीणों ने कहा कि विभाग का यह कदम तानाशाहीपूर्ण और अन्यायपूर्ण है।
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। अधिकांश घरों में मोटर से पानी निकाला जाता है, जो बिजली पर निर्भर है। बिजली नहीं रहने के कारण लोग पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की दैनिक जरूरतें तथा छोटे व्यवसाय भी प्रभावित हो रहे हैं। शाम ढलते ही पूरा गांव अंधकार में डूब जाता है, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि कुछ उपभोक्ताओं पर बकाया है तो विभाग को नियमानुसार उन्हीं कनेक्शनों पर कार्रवाई करनी चाहिए, न कि पूरे गांव को दंडित किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन परिवारों ने समय पर बिल भुगतान किया है, उन्हें इस प्रकार की सामूहिक कार्रवाई से अलग रखा जाए। ग्रामीणों ने विभाग से बकाया सूची सार्वजनिक करने और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने की भी मांग की।
घेराव के दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए शीघ्र बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की। उनका कहना था कि यदि अविलंब आपूर्ति शुरू नहीं की गई तो वे व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं होने पर वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे तथा जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन भी करेंगे।
प्रखंड कार्यालय पहुंचकर ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि बिजली विभाग और उपभोक्ताओं के बीच संवाद स्थापित कर व्यावहारिक समाधान निकाला जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की सामूहिक कार्रवाई से आम जनता को परेशानी न हो।
इस संबंध में विद्युत विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। फिलहाल गांव में बिजली आपूर्ति बहाल होने का इंतजार है और ग्रामीण प्रशासनिक हस्तक्षेप की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन