बिहार के नवादा में 20 सूत्री समिति उपाध्यक्ष को सीडीपीओ ने दी हत्या की धमकी

 


नवादा, 13 जनवरी (हि.स.)। बिहार में नवादा जिले के कौवाकोल बाल विकास परियोजना की परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) अंजली कुमारी ने जांच कमेटी के सदस्य बने प्रखंड 20 सूत्री कमेटी के उपाध्यक्ष सह भाजपा के मंडल अध्यक्ष अंकित विश्वकर्मा की पांच लाख रुपये खर्च करा हत्या कराने की धमकी दी है।

अंकित विश्वकर्मा ने मंगलवार को नवादा के जिलाधिकारी के साथ ही बिहार के समाज कल्याण मंत्री तथा मुख्य सचिव को शिकायत पत्र भेजकर इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। नवादा समाहरणालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए 20 सूत्री कमेटी के उपाध्यक्ष भाजपा के मंडल अध्यक्ष अंकित विश्वकर्मा ने कहा कि 17 दिसंबर 25 को 20 सूत्री कमेटी की बैठक आयोजित की गई थी। आम जनता की शिकायत थी कि बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अंजली कुमारी खुलेआम सभी आंगनबाड़ी केंद्रों से तीन से चार हजार रुपये प्रतिमा की वसूली करती है। उस दिन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी बिना सूचना के ही बैठक में भी नहीं आई।

बैठक में उठाए गए भ्रष्टाचार के सवालों पर जांच कमेटी का गठन किया गया । जिसमें मुझे सदस्य बनाया गया। 9 जनवरी 2026 को एक व्यक्ति आकर कहा कि सीडीपीओ अपने कार्यालय में आपसे मिलना चाहती है। मेरे साथ 20 सूत्री कार्यालय में विनय कुशवाहा भी बैठे थे। दोनों मिलकर सीडीपीओ से मिलने उनके कार्यालय गए ।जाते ही उन्होंने कहा कि किस हैसियत से तुम लोग जांच कर रहे हो। नेता-फेता को मैं नहीं मानती । 20 सूत्री कमेटी को कोई अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि सीडीपीओ अंजली ने कहा कि अगर जांच नहीं रोकोगे तो चार -पांच लाख रुपया मेरे लिए कोई मायने नही रखता।किसी को देकर तुम्हारी हत्या भी करवा दूंगी । इतना कह कर अपमानित उन्हें कार्यालय से भगा दिया गया । अंकित विश्वकर्मा ने कहा है कि हम लोग सरकारी कमेटी के सदस्य हैं। जिस हैसियत से जनहित को देखते हुए सीडीपीओ के कारनामे की उच्च स्तरीय जांच चाहते हैं ।

उन्होंने कहा कि बाल विकास परियोजना पदाधिकारी द्वारा रंगदारी मांगने के आरोप भी पुलिस जांच में झूठी पाई गई है। इससे ही उनके गलत मनसा का अंदाजा लगाया जा सकता है । उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर नीतीश सरकार में ऐसे भ्रष्टाचार्यों की कोई जगह नहीं है। जिनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। 20 सूत्री कमेटी के जांच टीम के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया है कि अंजली कुमारी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के आते ही कौवाकोल में लूट का माहौल कायम हो गया है । जिस कारण बाल विकास परियोजना का बेड़ा गर्क होकर रह गया।

उन्होंने कहा कि जांच के दौरान परियोजना के नेमतुल धमनी आंगनबाड़ी केंद्र में ताले लटके हुए थे। वहीं मधुरापुर केंद्र में दो बच्चे जमीन पर खेल रहे थे। यह जांच 10 जनवरी को किया गया था। इस तरह गरीब बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के उद्देश्य चलाया जा रहे आंगनबाड़ी केंद्र में प्रतिमा लाखों रुपए पोषाहार का गवन हो रहा है। जो एक गंभीर मामला है। इस संबंध में डीपीओ ने भी सही तरीके से जांच कराने की बात कही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन