नई दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में अररिया के संजय कुमार ने लिया भाग

 


अररिया 28 जुलाई(हि.स.)। बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनके उज्ज्वल भविष्य और उन्हें त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से देश की राजधानी नई दिल्ली में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन संस्था द्वारा चार दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन 27 जुलाई से 30 जुलाई तक किया जा रहा है,जिसमें फारबिसगंज के जागरण कल्याण भारती के संजय कुमार ने भाग लिया।उन्होंने बिहार में बाल सुरक्षा की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों पर राज्य का पक्ष रखा।इस परामर्श कार्यक्रम में देश भर के नीति निर्माता, कानूनी विशेषज्ञ, नागरिक समाज संगठन और बाल अधिकार कार्यकर्ता एक साथ जुटे हैं।

कार्यक्रम में सांसद लावु कृष्ण देवरायालु और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के संस्थापक भुवन रीभू सहित कई गणमान्य हस्तियां भाग ले रही है।

कार्यशाला में संजय कुमार ने बिहार के ग्रामीण इलाकों में बच्चों के संरक्षण, बाल श्रम की रोकथाम और शिक्षा के अधिकार को हर बच्चे तक पहुंचाने के लिए जागरण कल्याण भारती द्वारा किए जा रहे कार्यों को साझा किया।बाल विवाह और शोषण के खिलाफ ठोस रणनीति कार्यशाला में देश को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में हो रहे कार्यों की समीक्षा की गई। संस्थापकों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में देश भर में 5.5 लाख से अधिक बाल विवाह रोके जा चुके हैं।

संजय कुमार ने बताया कि बिहार में जमीनी स्तर पर समुदाय को जागरूक करके ही बच्चों को एक सुरक्षित और भयमुक्त माहौल दिया जा सकता है। इसके लिए कानूनी सहायता और तकनीकी उपकरणों का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।न्याय तक बच्चों की पहुंच संजय कुमार ने कार्यशाला के सत्रों में भाग लेते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा सिर्फ एक कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारे समाज के भविष्य का आधार है। जब तक हर पीड़ित बच्चे को आसान और संवेदनशील न्याय प्रणाली नहीं मिलेगी, तब तक हम पूर्ण विकास की कल्पना नहीं कर सकते।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर