सुलह से निपटेंगे पुराने विवाद: कटिहार में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत
कटिहार, 09 सितंबर (हि.स.)। व्यवहार न्यायालय कटिहार में आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के तत्वावधान में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष रणवीर सिंह और सिविल जज (वरीय-कोटी)-सह-सचिव कमलेश कुमार देवऊ के निर्देशानुसार पाराविधिक स्वयंसेवक (पीएलवी) पवन कुमार ने कोर्ट परिसर सहित विभिन्न इलाकों और प्रमुख चौक-चौराहों पर घूम-घूमकर आम नागरिकों को लोक अदालत की उपयोगिता और विधिक अधिकारों की जानकारी दी।
अभियान के दौरान पीएलवी पवन कुमार ने बताया कि यदि किसी भी न्यायालय में कोई मुकदमा लंबित है और आर्थिक तंगी के कारण व्यक्ति न्याय पाने में असमर्थ है, तो जिला विधिक सेवा प्राधिकार उसे नि:शुल्क कानूनी सलाह, सरकारी अधिवक्ता और त्वरित न्याय की सुविधा मुहैया कराता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में मुकदमों के निष्पादन पर पक्षकारों को किसी भी प्रकार का अदालती शुल्क (कोर्ट फीस) या वकील का खर्च नहीं देना होता है। आपसी सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का अंतिम निपटारा कराया जाता है, जिससे लोगों के समय और धन की बचत के साथ-साथ आपसी विवाद भी हमेशा के लिए समाप्त हो जाते हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि इस लोक अदालत में सुलहनीय प्रकृति के बैंक ऋण, बिजली और पानी के बिल संबंधी विवाद, मोटर दुर्घटना दावा वाद, पारिवारिक व वैवाहिक विवाद, भूमि विवाद, श्रम व वन विभाग के प्रकरण तथा अन्य शमनीय आपराधिक व दीवानी मामलों का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा। पवन कुमार ने जिले के नागरिकों से अपील की कि वे 12 सितंबर को व्यवहार न्यायालय पहुंचकर राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाएं और अपने लंबित विवादों का नि:शुल्क व त्वरित समाधान कराएं।
हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह