राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह-समझौते से मुकदमों का होगा त्वरित और निःशुल्क निपटारा

 


कटिहार, 08 सितंबर (हि.स.)। व्यवहार न्यायालय परिसर में आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) ने सघन जागरूकता अभियान शुरू किया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष रणवीर सिंह तथा सिविल जज (वरीय कोटि)-सह-सचिव कमलेश कुमार देव के निर्देशानुसार पारा विधिक स्वयंसेवक (पीएलवी) क्षेत्र में उतरकर आम जनता को लोक अदालत की सुविधाओं और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

अभियान के तहत पीएलवी पवन कुमार ने कटिहार कोर्ट परिसर सहित शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर नागरिकों को बताया कि पैसे के अभाव में न्याय से वंचित लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार निःशुल्क कानूनी सलाह, सहायता और सरकारी अधिवक्ता उपलब्ध कराता है। आगामी लोक अदालत में शमनीय आपराधिक मामले, फौजदारी व दीवानी वाद, बैंक ऋण, बिजली व पानी बिल विवाद, पारिवारिक व वैवाहिक मामले, भूमि विवाद, मोटर दुर्घटना दावा और श्रम विवाद जैसे सुलह योग्य मामलों का त्वरित निपटारा दोनों पक्षों की आपसी सहमति से कराया जाएगा।

पवन कुमार ने जानकारी दी कि लोक अदालत में वादों के निस्तारण पर किसी भी प्रकार की कोर्ट फीस या वकील का शुल्क नहीं लगता है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने वर्षों से लंबित मुकदमों और नए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस निःशुल्क न्यायिक सुविधा का लाभ उठाएं। इस जागरूकता अभियान के दौरान पारा विधिक स्वयंसेवक अविनाश कुमार और सचिन कुमार भी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह