नालंदा जिले में 12 सदस्यीय *संयुक्त समर्पित राजमार्ग निगरानी दल का गठन
नालंदा, 27 मई (हि.स.)।परिवहन विभाग, बिहार, पटना एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के आलोक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा, अवैध अतिक्रमण हटाने, अवैध पार्किंग नियंत्रण, हाईवे पेट्रोलिंग, एटीएमएस संचालन, दुर्घटना संभावित स्थलों में सुधार को लेकर आज बुधवार को जिला प्रशासन कि देखरेख में विभागीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय एवं परिवहन विभाग द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा एवं सुचारु यातायात व्यवस्था को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण, अवैध पार्किंग एवं अनधिकृत गतिविधियाँ सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में डीएम के द्वारा 12 सदस्यीय *“संयुक्त समर्पित राजमार्ग निगरानी दल”* के गठन की जानकारी देते हुए संबंधित पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि सड़क सुरक्षा से संबंधित सभी कार्यों का नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
डीएम ने बताया किराष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षा क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी स्थल पर एन एच ए आई और पी डब्लू डी की पूर्व स्वीकृति के बिना कोई भी विभाग, प्राधिकरण अथवा स्थानीय निकाय किसी प्रकार का लाइसेंस, अनापत्ति प्रमाण-पत्र अथवा व्यापारिक अनुमति जारी या नवीकृत नहीं करेगा।
पूर्व में निर्गत सभी लाइसेंसों एवं अनुमतियों की 30 दिनों के भीतर समीक्षा की जाएगी। साथ हीं 60 दिनों के भीतर राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित सभी नई अथवा पूर्व से विद्यमान अवैध संरचनाओं को हटाने व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षा क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण एवं अवैध व्यवसाय की नियमित निगरानी की जाएगी।राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे अवैध प्रवेश/निकास मार्ग एवं अन्य असुरक्षित गतिविधियों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाएगा।संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।राष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षा क्षेत्र में बिना सक्षम प्राधिकरण की अनुमति के संचालित प्रतिष्ठानों एवं व्यवसायों की जांच की जाएगी।सड़क सुरक्षा से संबंधित माननीय न्यायालय एवं सरकार द्वारा जारी सभी निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
जिलधिकारी के द्वारा नगर निकायों के पदाधिकारियों, कार्यपालक अभियंताओं, प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों को उपर्युक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे