चौसा नगर पंचायत में विकास के नाम पर धांधली का आरोप, जांच की मांग
बक्सर/चौसा, 31 अगस्त (हि.स.)। नगर पंचायत चौसा में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और सरकारी राशि के खर्च में कथित वित्तीय अनियमितता का मामला तूल पकड़ने लगा है।
वार्ड पार्षद संघ, चौसा के प्रतिनिधियों ने अनुमंडल पदाधिकारी, बक्सर को आवेदन सौंपकर नगर पंचायत में अब तक कराए गए विकास कार्यों और खर्च की गई सरकारी राशि की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
पार्षदों द्वारा दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नगर पंचायत के वर्तमान कार्यकाल को लगभग चार वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस दौरान नगर के विकास के लिए विभिन्न सरकारी मदों और स्रोतों से लाखों-करोड़ों रुपये की राशि आवंटित की गई। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में अपेक्षित विकास कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।
पार्षदों का आरोप है कि कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से विकास योजनाओं की राशि में कथित तौर पर बंदरबांट की गई है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि नगर क्षेत्र में कई बुनियादी समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं। पार्षदों ने नगर पंचायत कार्यालय में प्रभावशाली एवं दबंग लोगों के वर्चस्व का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता प्रभावित हो रही है।
वार्ड पार्षदों ने एसडीएम से मांग की है कि नगर पंचायत के गठन से अब तक विभिन्न योजनाओं में खर्च की गई राशि, कार्यों की स्वीकृति, भुगतान और धरातलीय स्थिति की जांच कराई जाए। साथ ही, यदि जांच में वित्तीय अनियमितता या सरकारी राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
शिकायत करने वालों में वार्ड पार्षद शैल देवी, हृदय नारायण सिंह, दिनेश कुमार, रंजु कुमारी एवं छोटेलाल चौधरी शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Kumar Mishra