नगर निकाय कर्मियों ने 13 अप्रैल के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल की दी चेतावनी

 


पूर्वी चंपारण,02 अप्रैल (हि.स.)। जिले रक्सौल स्थित जन सुविधा केंद्र पर गुरुवार को बिहार लोकल बॉडिज इम्पलाईज फेडरेशन एवं बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में नगर निकाय कर्मियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कर्मियों ने अपनी छह सूत्री मांगों की पूर्ति को लेकर आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 13 अप्रैल 2026 के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।

इसकी जानकारी बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (ऐक्टू) के महासचिव चंद्रशेखर कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि वर्षों से कार्यरत दैनिक एवं संविदा कर्मियों की सेवा नियमित करने की मांग लंबे समय से लंबित है। साथ ही पत्रांक-2503 दिनांक 03/05/2018 को निरस्त करने की भी मांग की गई। उन्होंने कहा कि नगर निकायों में चल रही ठेकेदारी एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था को समाप्त कर उसमें कार्यरत कर्मियों को निकाय कर्मी घोषित किया जाए। सभी दैनिक, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों को “समान काम के लिए समान वेतन” के सिद्धांत के अनुरूप वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त अनुकंपा के आधार पर लंबित नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से पूरा करने, सेवा अवधि में मृत्यु होने पर आश्रितों को नियमानुसार नौकरी देने की मांग भी उठाई गई। कर्मियों ने यह भी मांग रखी कि उन्हें सरकारी कर्मियों के समान एसीपी/एमएसीपी एवं सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाए। साथ ही पेंशन नियमावली 2016 के तहत आजीवन पेंशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

बैठक में उपस्थित कर्मियों ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी मांगों पर सरकार द्वारा शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मौके पर बड़ी संख्या में नगर निकाय कर्मी मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / आनंद कुमार