बक्सर सांसद ने कृषि ट्रांसफार्मरों के विलंबित प्रतिस्थापन पर मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

 


बक्सर, 30 जुलाई (हि.स.)।

बक्सर लोकसभा क्षेत्र में खराब कृषि विद्युत ट्रांसफार्मरों के समय पर प्रतिस्थापन नहीं होने से किसानों को हो रही परेशानियों को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक विस्तृत पत्र भेजा गया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि धान सहित अन्य खरीफ फसलों की सिंचाई के सबसे महत्वपूर्ण समय में ट्रांसफार्मर जलने या खराब होने के बाद उन्हें बदलने में 20 से 30 दिन, बल्कि कई स्थानों पर एक माह तक का समय लग रहा है। इससे सिंचाई बाधित हो रही है और किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि बिहार विद्युत वितरण कंपनियों के स्टैंडर्ड्स ऑफ परफॉर्मेंस के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 72 घंटे के भीतर खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलना अनिवार्य है। इसके बावजूद बक्सर में इन मानकों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है।

पत्र में बक्सर ट्रांसफार्मर रिपेयर वर्कशॉप (टीआरडब्ल्यू) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि बक्सर के खराब ट्रांसफार्मरों को मरम्मत के लिए पहले आरा भेजा जाता है और फिर वापस बक्सर लाकर लगाया जाता है। इसे सरकारी धन की अनावश्यक बर्बादी बताते हुए इस पूरी व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।

मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि बक्सर लोकसभा क्षेत्र के सभी खराब कृषि ट्रांसफार्मरों को निर्धारित समय-सीमा में बदला जाए, बुआई और पटवन के मौसम को देखते हुए विशेष आपातकालीन व्यवस्था लागू की जाए तथा इस प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

पत्र की प्रतिलिपि बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ऊर्जा विभाग, बिहार राज्य पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड तथा मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेजी गई है। इसमें कहा गया है कि किसान केवल बिजली नहीं, बल्कि अपनी फसल और मेहनत बचाने का अधिकार मांग रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Mishra