मॉडल स्कूल का डीएम ने किया औचक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर

 


कटिहार, 06 अगस्त (हि.स.)। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने गुरुवार को आजमनगर स्थित सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) आरके उच्च विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस अचानक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता, मूलभूत सुविधाओं की स्थिति और बच्चों के शैक्षणिक माहौल का जमीनी जायजा लेना था। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कक्षाओं में जाकर बच्चों से संवाद किया और पठन-पाठन को लेकर कई अहम निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कक्षा 1 से 8 तक की कक्षाओं में पहुंचकर सीधे बच्चों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों से पाठ्यक्रम, विज्ञान, गणित और सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल पूछे, जिस पर बच्चों ने बेहतरीन उत्साह दिखाया। बच्चों के आत्मविश्वास और मुखर होकर जवाब देने की क्षमता की जिलाधिकारी ने खुले दिल से सराहना की।

निरीक्षण के दौरान स्कूल के पुस्तकालय का अवलोकन करते हुए डीएम ने छात्रों में पठन-पाठन की रुचि बढ़ाने के लिए नया निर्देश दिया। उन्होंने प्रतिदिन 30 मिनट का विशेष 'पुस्तक पढ़ने का समय' (बुक रीडिंग टाइम) निर्धारित करने को कहा। साथ ही निर्देश दिया कि शिक्षक खुद आगे आकर बच्चों को कहानी, कविता और प्रेरणादायक पुस्तकें पढ़कर सुनाएं, ताकि बच्चों का मानसिक दायरा और अधिक विकसित हो सके।

डीएम ने कक्षाओं में संचालित स्मार्ट क्लास, मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की गुणवत्ता, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने, समय सीमा के भीतर पाठ्यक्रम पूरा करने तथा कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए। स्कूल परिसर की साफ-सफाई और हरियाली की उन्होंने प्रशंसा की।

विद्यालय के प्रधानाचार्य को निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इस मॉडल स्कूल को आसपास के अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणास्रोत बनना चाहिए। प्रत्येक छात्र की मासिक प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाए और अभिभावकों से निरंतर संपर्क साधकर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना है। सरस्वती विद्या निकेतन जैसे मॉडल स्कूल जिले की शिक्षा व्यवस्था की मुख्य रीढ़ हैं, और यहाँ से निकलने वाले छात्र-छात्राएं भविष्य में जिले का नाम रोशन करें, यही प्रशासन की मूल अपेक्षा है।

इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी आजमनगर, अंचलाधिकारी, शिक्षा विभाग के तमाम पदाधिकारी, विद्यालय के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने जिलाधिकारी के मार्गदर्शन के प्रति आभार जताते हुए सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन करने का पूर्ण आश्वासन दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह