सारण जिले के प्रत्येक प्रखंड में एक मॉडल स्कूल विकसित होगा
सारण, 08 अप्रैल (हि.स.)। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में शिक्षा विभाग के कार्यों की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिले के प्रत्येक प्रखंड में एक-एक कुल 20 उच्च विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। इन विद्यालयों में संसाधनों की मैपिंग कर अतिरिक्त वर्ग कक्ष, शौचालय, चहारदीवारी, लेबोरेटरी, पेयजल, लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए विभाग को जल्द ही विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का आदेश दिया गया है।
इन मॉडल स्कूलों और पीएम श्री स्कूलों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है जिन्हें विद्यालयवार टैग किया जाएगा। साथ ही बच्चों में बुनियादी भाषा एवं संख्यात्मक दक्षता विकसित करने के लिए कक्षा 4, 5 और 6 के छात्रों हेतु अप्रैल-मई में विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा।
इसके लिए मास्टर ट्रेनर्स का ओरिएंटेशन पूरा कर लिया गया है। जिले के 64 स्कूलों में वर्तमान में आईसीटी लैब संचालित हैं जबकि 169 अन्य विद्यालयों में इसकी स्थापना प्रक्रियाधीन है। जिलाधिकारी ने इन लैब के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस धारित विशेष करिकुलम तैयार करने का निर्देश दिया।
इसके अतिरिक्त, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बीआरपी और ब्लॉक एजुकेशन ऑफिस को नियमित निरीक्षण कर स्पष्ट रिपोर्ट देने को कहा गया है। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सेवानिवृत्त लाभ, अनुकंपा नियुक्ति और न्यायालय से जुड़े मामलों का निपटारा समय सीमा के भीतर करें। बैठक में उपविकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी डीपीओ और ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर उपस्थित रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार