54वें मिथिला विभूति पर्व को यादगार बनाने की तैयारी तेज
दरभंगा, 09 अक्टूबर (हि.स.)। मिथिला की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा नई पीढ़ी को महान विभूतियों के कृतित्व से परिचित कराने के उद्देश्य से 54वें मिथिला विभूति पर्व समारोह के आयोजन की तैयारी तेज हो गई है। विद्यापति सेवा संस्थान की आयोजन समिति की समीक्षा बैठक में समारोह की रूपरेखा पर चर्चा की गई।
संस्थान के महासचिव डॉ. बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने बताया कि 22 से 24 नवंबर तक आयोजित होने वाले समारोह में मिथिला पेंटिंग, व्यंजन प्रदर्शनी, पुस्तक मेला, कवि सम्मेलन, विद्यापति गीत-संगीत, अंतरराष्ट्रीय मिथिला पेंटिंग प्रतियोगिता और भव्य शोभायात्रा प्रमुख आकर्षण होंगे। युवा कलाकारों और कवियों को भी मंच प्रदान किया जाएगा। संस्थान की पत्रिका ‘अर्पण’ के प्रकाशन की तैयारी भी चल रही है।
अध्यक्ष प्रो. शशिनाथ झा ने मैथिली को शास्त्रीय भाषा का दर्जा नहीं मिलने पर आश्चर्य जताया। पूर्व मैथिली अकादमी अध्यक्ष पं. कमलाकांत झा ने इसे मिथिला की भाषाई विरासत की उपेक्षा बताते हुए मैथिलीसेवी संगठनों से एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया।
बैठक में सर्वसम्मति से युवा समाजसेवी मन्नु चौधरी को समारोह का स्वागताध्यक्ष बनाया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra