बुजुर्गों की सेवा और सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, वृद्धाश्रमों की सुविधाओं को किया जाएगा और सुदृढ़: डॉ. श्वेता गुप्ता
पटना, 19 अगस्त (हि.स.)। बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग की ओर से बुधवार को बिहार माता- पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण- पोषण तथा कल्याण नियमावली, 2012 के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों की राज्य परिषद की बैठक आयोजित की गई। इस मौके पर अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करते हुए विभागीय मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने कहा कि, बिहार की परंपरा रही है कि लोग अपने वृद्ध माता-पिता को सम्मानपूर्वक अपने साथ घर में रखते हैं। इसलिए हमारी सरकार का मुख्य फोकस पहले से मौजूद वृद्धाश्रमों को और अधिक गुणवत्तापूर्ण और व्यवस्थित ढंग से चलाने पर है। पेड ओल्ड एज होम के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दिशा में निजी क्षेत्र को आगे आकर पहल करनी चाहिए।
मंत्री श्वेता गुप्ता ने कहा कि वृद्धाश्रमों में बुजुर्गों की देखभाल और उनके साथ होने वाले व्यवहार को लेकर कुछ सदस्यों द्वारा चिंता व्यक्त की गई। इस शंका का निवारण करते हुए डॉ गुप्ता ने हाल ही में पटना के गुलजारबाग स्थित वृद्धाश्रम के अपने औचक निरीक्षण का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि वहाँ रहने वाले बुजुर्ग बहुत खुश और संतुष्ट नजर आए। बुजुर्गों ने स्वयं बताया कि उन्हें वहाँ जैसी देखभाल, समय पर दवाइयां और आत्मीयता मिल रही है, वैसी तो कभी-कभी अपने घरों में भी नहीं मिल पाती। वहां के कर्मचारी पूरी संवेदनशीलता के साथ बुजुर्गों का ख्याल रख रहे हैं।
बैठक में एक सदस्य ने सुझाव दिया कि युवा पीढ़ी में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और पारिवारिक मूल्य जगाने के लिए शिक्षा विभाग के साथ समन्वय कर स्कूली स्तर पर 'नैतिक शिक्षा' को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। मंत्री महोदया ने इस पर गहरी सहमति जताते हुए कहा कि बच्चों में बचपन से ही दादा-दादी और बुजुर्गों के प्रति सम्मान का भाव विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, अस्पतालों, बैंकों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बुजुर्गों के लिए अलग लाइन, विशेष काउंटर और अलग वार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी गंभीरता से चर्चा की गई।
डॉ श्वेता गुप्ता ने बताया कि राज्य भर में 139 वृद्धाश्रम बनाने की योजना कैबिनेट से स्वीकृत है एवं उचित भूमि उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा । उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि बुजुर्गों की दिक्कतों को करीब से समझने और उनकी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए इस तरह की बैठकें आगे भी लगातार होती रहेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी