मध्याह्न भोजन की राशि 4-5 महीने से लंबित, अंडे की दर बढ़ाने की मांग

 


किशनगंज, 09 अक्टूबर (हि.स.)। बिहार के सरकारी विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना की लंबित राशि जारी करने और बच्चों को दिए जाने वाले अंडे की निर्धारित दर में संशोधन की मांग तेज हो गई है। किशनगंज के सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद ने इस संबंध में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।उन्होंने कहा कि राशि लंबित रहने और बाजार मूल्य के अनुरूप भुगतान नहीं होने से योजना के सुचारु संचालन में कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं। सांसद ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उल्लेख किया है कि किशनगंज सहित बिहार के विभिन्न जिलों में पिछले लगभग चार से पांच महीनों से मध्याह्न भोजन योजना की राशि लंबित है। इसके कारण विद्यालयों में खाद्य सामग्री की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।वहीं, स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं का भुगतान भी बकाया है। लगातार बढ़ते बकाये से योजना के संचालन पर दबाव बढ़ रहा है और संबंधित लोगों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सांसद डॉ. जावेद आजाद ने अंडे की निर्धारित दर को भी मौजूदा बाजार मूल्य के अनुरूप नहीं बताया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि वर्तमान बाजार में एक अंडे की कीमत लगभग आठ से नौ रुपये है, जबकि मध्याह्न भोजन योजना के तहत इसके लिए मात्र पांच रुपये निर्धारित हैं। ऐसे में निर्धारित राशि और वास्तविक बाजार मूल्य के बीच अंतर के कारण अंडे की आपूर्ति करना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। उन्होंने सरकार से अंडे की दर का पुनरीक्षण कर इसे बाजार मूल्य के अनुरूप करने की मांग की है, ताकि विद्यालयों में बच्चों को निर्धारित पोषण उपलब्ध कराने में बाधा नहीं आए। सांसद ने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना बच्चों के पोषण और विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में राशि के भुगतान में लगातार देरी और आपूर्ति संबंधी समस्याओं का असर योजना के क्रियान्वयन पर पड़ सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से लंबित राशि तत्काल जारी करने, आपूर्तिकर्ताओं के बकाये का भुगतान सुनिश्चित करने तथा अंडे की दर में आवश्यक संशोधन करने का अनुरोध किया है। अब इस मामले में राज्य सरकार की ओर से होने वाली कार्रवाई पर संबंधित विद्यालयों और आपूर्तिकर्ताओं की नजरें टिकी हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह