मैथिली में अनुवाद क्षमता बढ़ाने को पांच दिवसीय कार्यशाला शुरू

 


सुपौल, 05 अक्टूबर (हि.स.)। जिले के निर्मली अनुमंडल स्थित हरि प्रसाद साह महाविद्यालय में सोमवार से पांच दिवसीय अनुवाद कौशल विकास कार्यशाला शुरू हुई।

कार्यशाला का आयोजन हरि प्रसाद साह महाविद्यालय और राष्ट्रीय अनुवाद मिशन, मैसूर के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। पांच से नौ अक्टूबर तक चलने वाली कार्यशाला का उद्देश्य भारतीय भाषाओं, विशेषकर मैथिली में अनुवाद क्षमता को विकसित करना है।

कार्यशाला का उद्घाटन समन्वयक डॉ. शम्भू कुमार सिंह और महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. उपेन्द्र पंडित ने किया। वक्ताओं ने कहा कि अनुवाद केवल शब्दों को एक भाषा से दूसरी भाषा में बदलने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से ज्ञान, विचार और संस्कृति को एक-दूसरे तक पहुंचाया जाता है। स्थानीय समन्वयक डॉ. अतुलेश्वर झा ने कार्यशाला के उद्देश्य और इसकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला।

पहले दिन डॉ. अतुलेश्वर झा, विजय शंकर और तौकीर हाशमी ने अलग-अलग विषयों पर सत्र लिए। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को भाषाई चुनौतियों, उचित शब्द चयन और अनुवाद की व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी दी गई। कार्यशाला में महाविद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र