मशाल खेल कार्यक्रम से गांव-गांव की खेल प्रतिभाओं को मिलेगा मंच

 


सुपौल, 10 सितंबर (हि.स.)। जिले में गांव-गांव और विद्यालय स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने की पहल शुरू कर दी गई है। खेल विभाग के निर्देश के आलोक में आगामी 02 अक्टूबर 2026 से विद्यालय स्तर पर ‘मशाल खेल कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में खेल भावना को बढ़ावा देने के साथ जमीनी स्तर पर मौजूद प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराना है।

इसी कड़ी में गुरुवार को राघोपुर एवं सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड में बैठक आयोजित की गई। बैठकों की अध्यक्षता उपाधीक्षक, शारीरिक शिक्षा, सुपौल ने की। इस दौरान कार्यक्रम की रूपरेखा, पंचायत एवं विद्यालय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन तथा अधिक से अधिक बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम के तहत प्रतियोगिताओं का आयोजन विभिन्न चरणों में किया जाएगा। इंट्रा-स्कूल स्तर पर 02 अक्टूबर 2026 से, सीआरसी स्तर पर दिसंबर 2026, प्रखंड स्तर पर जनवरी 2027, जिला स्तर पर फरवरी 2027 तथा राज्य स्तर पर मार्च 2027 में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।

मशाल खेल कार्यक्रम के तहत एथलेटिक्स, साइक्लिंग, कबड्डी, फुटबॉल एवं वॉलीबॉल की प्रतियोगिताएं होंगी। एथलेटिक्स में रनिंग एवं लॉन्ग जंप शामिल हैं। एथलेटिक्स प्रतियोगिता अंडर-14 एवं अंडर-16 आयु वर्ग में होगी। वहीं साइक्लिंग में 3 किलोमीटर एवं 5 किलोमीटर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। कबड्डी में 7×7, फुटबॉल में 5×5 और वॉलीबॉल में 6×6 प्रारूप में मुकाबले होंगे। कार्यक्रम का आयोजन शिक्षा विभाग द्वारा बिहार राज्य खेल प्राधिकरण बीएसएसए के तकनीकी सहयोग से किया जाएगा।

जिला एवं राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं के संचालन में बीएसएसए महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। अधिकारियों ने कहा कि मशाल खेल कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय और पंचायत स्तर पर ही खेल प्रतिभाओं की पहचान हो सकेगी। चयनित प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं के विभिन्न चरणों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध हो सकेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र