मक्का की फसल पर 'फॉल आर्मी वर्म' कीट का मंडराया खतरा, कृषि विभाग ने किसानों को किया सतर्क
कटिहार, 04 अगस्त (हि.स.)। कृषि विभाग के निर्देशानुसार संकर मक्का के उन्नत बीजों का वितरण और बुआई का कार्य तेजी से चल रहा है। जिले में इस बार कुल 2968.65 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 638.72 हेक्टेयर यानी 21.5 प्रतिशत खेतों में बुआई पूरी हो चुकी है। इस बीच, जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक (आत्मा) राजीव कुमार ने वर्तमान मौसम में मक्का फसल पर विनाशकारी कीट 'फॉल आर्मी वर्म' (स्पोडोप्टेरा फ्रुगिपर्डा) के गंभीर प्रकोप की आशंका जताते हुए किसानों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले में मक्का की उत्पादकता और कुल उत्पादन में वृद्धि करना, किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़ना तथा उनकी आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित करना है। कटिहार मक्का उत्पादन की दृष्टि से अत्यंत संभावनाशील जिला है और विभाग का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण मक्का उत्पादन के जरिए कटिहार की निर्यात क्षमता को सुदृढ़ करना है। इसके लिए किसानों को उन्नत बीज, तकनीकी परामर्श और नियमित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।
डीएओ ने बताया कि फॉल आर्मी वर्म मक्का की सबसे खतरनाक इल्ली मानी जाती है, जो अंकुरण से लेकर भुट्टा बनने की अवस्था तक फसल को गंभीर क्षति पहुँचा सकती है और इससे उत्पादन में 30 से 70 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। इस कीट की पहचान इल्ली के सिर पर उल्टे 'वाई' आकार के निशान और मध्य कली में काले मल के जमा होने से होती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे सप्ताह में कम-से-कम दो बार (विशेषकर 15 से 45 दिन की फसल पर) खेत का निरीक्षण करें। 5 प्रतिशत से अधिक पौधों में प्रकोप दिखने पर फेरोमोन ट्रैप, यांत्रिक उपायों जैसे मध्य कली में बालू व राख का मिश्रण डालना, जैविक नियंत्रण तथा 5 से 10 प्रतिशत प्रकोप की स्थिति में इमामेक्टिन बेंजोएटे, क्लोरएंट्रानिलिप्रोल या स्पाइनेटोरम जैसे अनुशंसित कीटनाशियों का छिड़काव कली तक पहुँचाकर करने की संस्तुति की गई है। प्रारंभिक लक्षण दिखने पर किसान अपने प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक या किसान सलाहकार से संपर्क कर वैज्ञानिक सलाह प्राप्त कर सकते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह