कागजों में चल रहा महात्मा गांधी मेमोरियल डिग्री कॉलेज, परिसर में चाय फैक्ट्री और मजदूरों का डेरा

 


किशनगंज, 27 जुलाई (हि.स.)। जिले के पोठिया प्रखंड अंतर्गत गोरूखल पंचायत स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल डिग्री कॉलेज की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यह कॉलेज केवल सरकारी रिकॉर्ड और कागजों में संचालित हो रहा है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। कॉलेज परिसर में चाय फैक्ट्री संचालित हो रही है और मुख्य भवन में मजदूरों के परिवार रह रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कॉलेज में न तो नियमित रूप से शिक्षक आते हैं और न ही छात्रों की पढ़ाई होती है। वर्षभर परिसर में सन्नाटा पसरा रहता है। केवल नामांकन या परीक्षा फॉर्म भरने के समय कुछ छात्र यहां पहुंचते हैं, जिसके बाद कॉलेज फिर बंद हो जाता है। ऐसे में पोठिया प्रखंड के हजारों छात्र-छात्राओं की उच्च शिक्षा प्रभावित हो रही है। इस मुद्दे को किशनगंज विधायक कमरुल हुदा ने बिहार विधानसभा में भी उठाया था। उन्होंने पोठिया प्रखंड में एक नए सरकारी डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग की थी। हालांकि सरकार ने यह कहते हुए मांग अस्वीकार कर दी कि प्रखंड में महात्मा गांधी मेमोरियल डिग्री कॉलेज पहले से संचालित है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में कॉलेज के चालू होने का उल्लेख होने के कारण नए कॉलेज की स्वीकृति नहीं मिल पा रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि परिसर का उपयोग अन्य कार्यों के लिए किया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को डिग्री की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के कॉलेजों का रुख करना पड़ता है या कई छात्र बीच में ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।

ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, कॉलेज की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने तथा यदि अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, क्षेत्र के लोगों ने पोठिया में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सरकार से ठोस पहल की अपील की है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह