अवर निरीक्षक भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण व कदाचारमुक्त संपन्न
सुपौल, 12 जुलाई (हि.स.)।
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में अवर निरक्षक पद के लिए आयोजित लिखित परीक्षा रविवार को सुपौल अनुमंडल के सभी छह परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण, कदाचारमुक्त एवं कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हो गई।
जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से परीक्षा को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। सभी परीक्षा केंद्रों पर मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जबकि परीक्षार्थियों की गहन जांच के बाद ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति दी गई।
परीक्षा समाप्त होने के बाद सभी केंद्राधीक्षकों से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर प्रशासन ने बताया कि पूरे अनुमंडल में कुल 3,768 अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था। इनमें से 1,659 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित हुए, जबकि 2,109 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
किसी भी परीक्षा केंद्र से न तो किसी परीक्षार्थी के निष्कासन की सूचना मिली और न ही किसी अभ्यर्थी अथवा अभिभावक की गिरफ्तारी की घटना सामने आई। जुर्माना वसूलने जैसी कोई कार्रवाई भी नहीं की गई। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, सेंट जेवियर्स उच्च विद्यालय, सुपौल में 576 अभ्यर्थियों में से 266 उपस्थित एवं 310 अनुपस्थित रहे।
हजारी उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुपौल में 600 परीक्षार्थियों में 258 उपस्थित और 342 अनुपस्थित पाए गए। इसी प्रकार टी.सी. उच्च विद्यालय, सुपौल में 600 में से 256 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 344 अनुपस्थित रहे। सबसे अधिक क्षमता वाले केंद्र सुपौल उच्च माध्यमिक विद्यालय में कुल 744 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। इनमें 332 उपस्थित हुए, जबकि 412 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। आर.एस.एम. पब्लिक स्कूल, सुपौल में भी 744 अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जहां 315 अभ्यर्थी उपस्थित हुए और 429 अनुपस्थित रहे। वहीं बबुजन विश्वेश्वर बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुपौल में कुल 504 अभ्यर्थियों में से 232 ने परीक्षा दी, जबकि 272 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। परीक्षा केंद्रों के बाहर अनावश्यक भीड़ नहीं लगने दी गई तथा अभ्यर्थियों को समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई थी। प्रवेश से पूर्व अभ्यर्थियों की पहचान पत्र की जांच, तलाशी एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन कराया गया। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, मोबाइल फोन एवं अन्य प्रतिबंधित सामग्री को परीक्षा केंद्र में ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहा। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने परीक्षा के दौरान विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। केंद्राधीक्षकों को परीक्षा संचालन में पूरी सतर्कता बरतने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की स्थिति में तत्काल सूचना देने का निर्देश दिया गया था।
परीक्षा के दौरान किसी भी केंद्र से अव्यवस्था, नकल, हंगामा या तकनीकी समस्या की सूचना प्राप्त नहीं हुई। प्रशासन द्वारा जारी खैरियत प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया है कि सभी छह परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न हुई।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र