एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने बनायी है रणनीति
सुपौल, 08 अप्रैल (हि.स.)। आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं का निर्बाध उपलब्धता, प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और निर्बाध ईंधन एवं एलपीजी गैस की आपूर्ति को सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए एवं कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए जिला प्रशासन पुरी सक्रियता से कार्य कर रहा है।
प्रखंड, अनुमंडल एवं जिला स्तर से सतत् निगरानी की जा रही है। अभी जिले के गैस एजेंसियों के पास लगभग 14561 गैस सिलेंडरों का भंडार मौजूद है, और बुधवार को 5062 अतिरिक्त एलपीजी गैस सिलेंडर प्राप्त होने की संभावना है। 7 अप्रैल को लगभग 5258 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है। अभी तक 22749 उपभोक्ता को बुकिंग की गैस आपूर्ति की जानी है। जिले में एलपीजी की उपलब्धता में लगातार सुधार हो रहा है। पेट्रोल पम्पों का औचक निरीक्षण हो रहा है। तेल कम्पनियों से समन्वय स्थापित करके लगातार स्थिति को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजीव कुमार और डीपीआरओ विकास कुमार कर्ण ने बताया कि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, थाना अध्यक्ष सहित सभी संबंधित अधिकारी और कर्मी निरंतर उठाव वितरण की निगरानी कर रहे प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों के प्रतिवेदनानुसार जिले के 51 गैस एजेंसियों में से 47 गैस एजेंसियों पर अभी एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध है, शेष 04 आस्था इण्डेन ग्रामीण वितरक, ग्वालपाड़ा इण्डेन ग्रामीण वितरक, मीरा यादव डगमारा इण्डेन ग्रामीण वितरक एवं रतना इण्डेन ग्रामीण वितरक पर शीघ्र ही गैस की आपूर्ति किये जाने की संभावना है। तेल कम्पनियों द्वारा अस्पताल एवं सरकारी संस्थानों को जिनके पास वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। जिला प्रशासन एलपीजी गैस सिलेंडरों की ससमय उपलब्धता हेतु गैस वितरक कम्पनियों से लगातार संपर्क में है।
अभी तक कुल 51 एलपीजी एजेन्सी में से 26 की जांच की गई है। 31 अन्य होटलों / प्रतिष्ठानों पर जाँच एवं छापेमारी की गई है। समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में घरेलु एलपीजी गैस सिलेंडरों के उठाव वितरण के निगरानी के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिसका दूरभाग संख्या 06473-224005 है। 8 अप्रैल तक जिला नियंत्रण कक्ष में 22 शिकायतें / जानकारी प्राप्त करने हेतु कॉल प्राप्त हुआ है। सभी संबंधितों के शिकायतों का निष्पादन करा दिया गया है।
अभी तक घरेलु गैस के वाणिज्यिक प्रयोग/ कालाबाजारी के आरोप में जिला अन्तर्गत तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। वर्तमान स्टॉक और बॉटलिंग प्लांट से मिल रही आपूर्ति के आधार पर जिले में लगभग पर्याप्त एलपीजी स्टॉक उपलब्ध है। तत्काल आपूर्ति संकट की संभावना नहीं है। जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं। अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है। जिले में एलपीजी गैस सिलेंडरों के उपलब्धता की स्थिति सामान्य है, घबराकर अधिक सिलेंडर लेने की आवश्यकता नहीं है। जिला प्रशासन सभी ग्राहकों से अनुरोध करता है कि वे गैस एजेंसियों के गोदामों पर भीड़ न लगायें। सभी एजेंसियों के द्वारा होम डिलिवरी के माध्यम से ससमय गैस की आपूर्ति की जायेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र