बाढ़ और कटाव का मुद्दा को लेकर सांसद ने केंद्र सरकार को घेरा
कटिहार, 17 मार्च (हि.स.)। कटिहार संसदीय क्षेत्र में बाढ़ और कटाव से उजड़े गांवों का मुद्दा अब केंद्र सरकार के जवाब और सांसद के पलटवार के बीच गरमा गया है। लोकसभा के शून्यकाल में कटिहार सांसद तारिक अनवर द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लिखित जवाब भेजा है, जिसे तरीक अनवर ने बेहद निराशाजनक बताया है।
सांसद ने कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पत्र में 1,500 करोड़ और 1,000 करोड़ रुपये के जिन फंड्स का जिक्र है, वे केवल फाइलों की शोभा बढ़ा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब तक केंद्र और राज्य की इस चिट्ठी-पत्री के खेल से बाहर निकलकर सीधे पीड़ितों तक मदद नहीं पहुंचती, तब तक ऐसे जवाबों का कोई अर्थ नहीं है।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने पत्र में जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने नदी तटीय कटाव रोकने के लिए 1,500 करोड़ रुपये और विस्थापितों को दोबारा बसाने (पुनर्वास) के लिए 1,000 करोड़ रुपये का विशेष आवंटन किया है। इसके लिए 20 जून 2024 को नई गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है।
तरीक अनवर ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि सरकारी आंकड़े पेट नहीं भरते। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर जून 2024 में ही नीति बन गई थी, तो पिछले कई महीनों में कटिहार के कितने परिवारों को जमीन या घर आवंटित हुआ? सच्चाई यह है कि महानंदा और गंगा के कटाव से गांव के गांव नक्शे से मिट रहे हैं, लेकिन प्रशासन प्रस्तावों और कागजी औपचारिकताओं में उलझा है।
कटिहार जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता पंकज कुमार तमाखुवाला ने बताया कि तरीक अनवर को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने अपने पत्र में 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों का हवाला देते हुए करोड़ों के फंड और नई नीतियों का ब्यौरा दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक विस्थापितों को जमीन पर घर नहीं मिलते, वे सरकार से जवाब मांगते रहेंगे और सरकार को जवाब देना होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह