तीन रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार
किशनगंज, 18 अगस्त (हि.स.)। स्थानीय एवं क्षेत्रीय उत्पादों को बढ़ावा देने और स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, स्वयं सहायता समूहों तथा सूक्ष्म उद्यमियों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे की ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत किशनगंज जिले के तीन रेलवे स्टेशनों का चयन किया गया है।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक द्वारा किशनगंज, गलगलिया और ठाकुरगंज रेलवे स्टेशनों को योजना में शामिल किया गया है। योजना के तहत किशनगंज रेलवे स्टेशन पर लिट्टी-चोखा, गलगलिया रेलवे स्टेशन पर ताजी सब्जियां और ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर हस्तशिल्प सामग्री बिक्री के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इससे यात्रियों को स्थानीय उत्पाद आसानी से मिल सकेंगे, वहीं उत्पादकों को अपने सामान के लिए रेलवे स्टेशन के माध्यम से व्यापक बाजार उपलब्ध होगा।
‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है। योजना के माध्यम से कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों, स्वयं सहायता समूहों और सूक्ष्म उद्यमियों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। योजना के तहत पात्र कारीगर या बुनकर पहचान-पत्र धारक, जनजातीय कारीगर, बुनकर एवं शिल्पकार, पंजीकृत स्वयं सहायता समूह तथा एमएसएमई के तहत पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमी स्टॉल आवंटन के लिए पात्र हो सकते हैं।
जिला प्रशासन ने जिले के पात्र कारीगरों, बुनकरों, स्वयं सहायता समूहों और सूक्ष्म उद्यमियों से योजना का लाभ उठाने की अपील की है।प्रशासन का मानना है कि रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय उत्पादों की बिक्री से उत्पादकों को नए ग्राहक मिलेंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी।
तीनों स्टेशनों पर चयनित उत्पादों के जरिए जिले की स्थानीय पहचान को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। योजना को स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह