सूर्यदेव लॉ कॉलेज में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित: 'स्पेशल मेडिएशन ड्राइव 3.0' और स्थाई लोक अदालत की दी गई जानकारी
कटिहार, 04 अक्टूबर (हि.स.)। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (पटना) के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), कटिहार के सचिव सह अवर न्यायाधीश कमलेश सिंह देऊ के आदेश पर रविवार को सूर्यदेव विधि महाविद्यालय (लालकोठी) के सभागार में एक दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विधि विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को 'स्पेशल मेडिएशन ड्राइव 3.0', जेल लीगल एड क्लिनिक के मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी 2022) और स्थाई लोक अदालत की कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कटिहार के उप-न्यायरक्षक देव कुमार झा ने नालसा द्वारा संचालित मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना (स्पेशल मेडिएशन ड्राइव 3.0) के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान अदालतों में वर्षों से लंबित मामलों को आपसी बातचीत और समझौते से सुलझाने का सबसे सुगम मार्ग है। इसके तहत वैवाहिक विवाद, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, जनोपयोगी सेवाएं और धन वसूली जैसे शमनीय (समझौता योग्य) मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाता है, जिससे पक्षकारों के समय और धन की बचत होती है तथा अदालतों पर मुकदमों का बोझ कम होता है। साथ ही उन्होंने जेल में बंद बंदियों के लिए नालसा की मुफ्त विधिक सहायता सेवाओं और विधिक क्लीनिकों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की।
पैनल अधिवक्ता आशीष कुमार ने स्थाई लोक अदालत के क्षेत्राधिकार की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें लोक उपयोगी सेवाओं से संबंधित एक करोड़ रुपये तक के मामलों की सुनवाई की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पक्षकारों के बीच आपसी सहमति नहीं भी बन पाती है, तब भी स्थाई लोक अदालत को गुण-दोष के आधार पर अंतिम फैसला सुनाने का वैधानिक अधिकार प्राप्त है। उन्होंने संबंधित कानूनी प्रावधानों और अधिकारों के संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाते हुए पारा विधिक स्वयंसेवक (पीएलवी) पवन कुमार ने आमजन के अधिकारों की रक्षा और 'बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना' के तहत मिलने वाली सरकारी आर्थिक सहायता की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सलाह के साथ-साथ मुकदमों की पैरवी के लिए मुफ्त वकील की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।
इस अवसर पर सूर्यदेव लॉ कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सुशील कुमार सिन्हा, अविनाश कुमार, गोविंद पोद्दार सहित महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी और छात्र अमर कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह