तीन वर्षों से ठप कृषि बिजली आपूर्ति से किसान परेशान, आंदोलन की चेतावनी

 


सुपौल, 17 जुलाई (हि.स.)। जिले के पिपरा प्रखंड की झुमहा पंचायत स्थित बेलोखड़ा छोटी नहर पर कृषि सिंचाई के लिए दी जाने वाली बिजली आपूर्ति पिछले तीन वर्षों से ठप है। बिजली तार चोरी होने के बाद अब तक नए तार नहीं लगाए जाने से क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को सिंचाई संकट का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों ने शीघ्र बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। किसानों के अनुसार, करीब तीन वर्ष पूर्व अज्ञात चोरों ने लगभग 10 बिजली खंभों से तार चोरी कर लिए थे। घटना की सूचना तत्काल बिजली विभाग को दी गई थी। विभाग ने पिपरा थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई, लेकिन इसके बावजूद अब तक नए तार नहीं लगाए गए।

किसानों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण समस्या लगातार बनी हुई है।रामविलास मंडल, जयकुमार मंडल, दिनेश मंडल, विनोद मंडल और देवन मंडल सहित कई किसानों ने बताया कि कृषि बिजली कनेक्शन होने के बावजूद तार नहीं रहने से मोटर पंप नहीं चल पा रहे हैं। मजबूरी में डीजल पंप से सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत काफी बढ़ गई है। इसका सबसे अधिक असर धान और गेहूं की खेती पर पड़ रहा है।

किसानों का कहना है कि जिले के अन्य स्थानों पर तार चोरी की घटनाओं के बाद बिजली आपूर्ति जल्द बहाल कर दी गई, लेकिन बेलोखड़ा में तीन वर्षों से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जिला प्रशासन और ऊर्जा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है।

इस संबंध में कटेया पावर ग्रिड के कनीय अभियंता विकास कुमार ने बताया कि तार चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है और उच्च अधिकारियों को भी मामले से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आवश्यक आदेश मिलते ही नए तार लगाने का कार्य शुरू कराया जाएगा।इधर, किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे सड़क जाम कर आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र