मजदूरों को काम नहीं मिलने की शिकायत, जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रहा प्रशासन

 


सुपौल, 15 जून (हि.स.)। जिले में त्रिवेणीगंज प्रखंड की मानगंज पश्चिम पंचायत में मनरेगा के तहत चल रहे पोखर निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पंचायत के वार्ड संख्या 6 और 9 के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि योजना में मजदूरों की बजाय जेसीबी मशीनों से खुदाई कराई जा रही है, जिससे मनरेगा के मूल उद्देश्य पर सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई मजदूर रोजगार की उम्मीद में काम का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन निर्माण कार्य मशीनों के जरिए कराया जा रहा है। उनका आरोप है कि दोनों वार्डों में अलग-अलग पोखरों की खुदाई में लगातार जेसीबी का इस्तेमाल हो रहा है। लोगों ने यह भी दावा किया कि कार्यस्थल पर योजना से जुड़ा सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है और रात के समय भी मशीनों से काम जारी रहता है।

स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि मजदूरों से वास्तविक काम कराए बिना उनके जॉब कार्ड का इस्तेमाल कर फर्जी हाजिरी बनाई जा सकती है और मजदूरी मद की राशि निकाली जा सकती है। हालांकि इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले पर पंचायत रोजगार सेवक कमलेश कुमार ने बताया कि वे फिलहाल पूर्णिया में हैं और पूरी जानकारी लेने के बाद संबंधित मुखिया से बातचीत करेंगे। वहीं मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी हिमेश कुमार ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद पंचायत तकनीकी सहायक समेत संबंधित पक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और मामले की जांच के लिए जूनियर इंजीनियर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।कार्यक्रम पदाधिकारी के अनुसार शुरुआती स्तर पर यह स्पष्ट नहीं है कि जेसीबी से हो रही खुदाई मनरेगा योजना के तहत हो रही है या किसी निजी जमीन पर मिट्टी कटाई का कार्य है।

जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी। यदि मनरेगा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इधर ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने और मनरेगा मजदूरों को उनका वैधानिक रोजगार सुनिश्चित करने की मांग की है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र