14 साल बाद महाराजगंज केंद्रीय विद्यालय को मिलेगा अपना भवन, निर्माण की कवायद तेज
सीवान, 13 अप्रैल (हि.स.)। सीवान जिले के महाराजगंज केंद्रीय विद्यालय के अपने भवन निर्माण की दिशा में अब ठोस पहल शुरू हो गई है। सोमवार को भवन निर्माण के लिए अधिकृत कंपनी एनबीसीसी के कनीय अभियंता ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर भूमि और निर्माण की संभावनाओं का जायजा लिया।
स्थानीय सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल के प्रयासों से केंद्रीय विद्यालय के पुनः संचालन के बाद अब भवन निर्माण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ती दिख रही है। सांसद ने बताया कि एनबीसीसी के इंजीनियर द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया है और बहुत जल्द भवन निर्माण का शिलान्यास किया जाएगा, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय विद्यालय पहले पूरी तरह बंद हो चुका था, लेकिन प्रयासों से इसे दोबारा शुरू कराया गया। डॉ. अभय कुमार सिंह के सहयोग से गोरख सिंह कॉलेज परिसर में 30 जून 2025 से विद्यालय का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है।
महाराजगंज केंद्रीय विद्यालय की स्थापना वर्ष 2012 में दारौंदा प्रखंड के गौरी शंकर उच्च विद्यालय परिसर में हुई थी। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच 2025 तक विद्यालय का संचालन होता रहा। बाद में यह बंद हो गया, जिसे पुनः शुरू कराया गया। अब 14 साल बाद विद्यालय को अपना स्थायी भवन मिलने जा रहा है।
प्रखंड के टेघड़ा पंचायत के बड़का टेघड़ा गांव में लगभग 5 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जहां केंद्रीय विद्यालय का अत्याधुनिक भवन बनाया जाएगा। इस परिसर में कक्षाओं के साथ-साथ शिक्षकों के लिए आवास, कार्यालय, प्रयोगशाला और खेल मैदान जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस मौके पर सांसद के निजी सचिव पंकज कुमार सिंह, प्राचार्य हेमंत कुमार साहू, डॉ. त्रिपुरारी शरण, अजय कुमार, एनबीसीसी के कनीय अभियंता चंदन कुमार, अंचल अमीन असफाक अहमद और नाजीर अरविंद कुमार मौजूद रहे।
स्थानीय लोगों में भवन निर्माण को लेकर उत्साह है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma