बक्सर में कृषि वैज्ञानिकों की सलाह: बारिश के बीच धान की फसल में जल प्रबंधन और पोषण पर दें विशेष ध्यान

 

बक्सर, 03 अगस्त (हि.स.)। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से प्राप्त कृषि परामर्श के अनुसार जिले में खरीफ मौसम के दौरान अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। 1 जून से 3 अगस्त 2026 तक सामान्य वर्षा 580.85 मिमी के मुकाबले लगभग 232.05 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य से करीब 60 प्रतिशत कम है। वहीं आगामी 4 अगस्त को 12 मिमी तथा 5 अगस्त को 18 मिमी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वर्षा को देखते हुए धान की फसल में जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें। जिन खेतों में रोपनी हो चुकी है, वहां 25-30 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से यूरिया का टॉप ड्रेसिंग करें। रोपाई के 40-45 दिन बाद प्रति एकड़ 500 मिलीलीटर नैनो यूरिया अथवा 250 मिलीलीटर सागरिका का छिड़काव करने की भी सलाह दी गई है। छिड़काव के बाद 4-6 घंटे तक वर्षा नहीं होनी चाहिए।

वैज्ञानिकों ने सब्जी उत्पादक किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। भिंडी की फसल में फल छेदक कीट के प्रकोप की संभावना को देखते हुए आवश्यक निगरानी एवं नियंत्रण उपाय अपनाने को कहा गया है। वहीं केले की फसल में पौधों को सहारा देने तथा आवश्यक पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग करने की सलाह दी गई है।

कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से मौसम पूर्वानुमान के अनुरूप कृषि कार्य करने और किसी भी समस्या की स्थिति में निकटतम कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Mishra