कोसी नदी के कटाव से सुजानपुर में दहशत, राधा-कृष्ण मंदिर भी नदी में समाया
सुपौल, 13 सितंबर (हि.स.)। जिले के किशनपुर प्रखंड के मौजहा पंचायत के वार्ड-3 स्थित सुजानपुर में कोसी नदी का कटाव लगातार कहर बरपा रहा है। रविवार को कटाव की चपेट में आने से राधा-कृष्ण मंदिर नदी में समा गया। मंदिर के नदी में विलीन होने का दृश्य देखकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले करीब एक महीने से सुजानपुर में कोसी का कटाव जारी है। अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों के घर कटाव की जद में आकर नदी में विलीन हो चुके हैं।
लगातार जमीन खिसकने से ग्रामीण अपने घरों को सुरक्षित नहीं मान रहे हैं। कई लोग हथौड़े की मदद से ईंट और एस्बेस्टस से बने घरों को खुद तोड़कर सामान निकाल रहे हैं, ताकि कम से कम घरेलू उपयोग की वस्तुओं को बचाया जा सके। ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय कटाव का खतरा और बढ़ जाता है। लोग जान बचाकर सुरक्षित स्थानों की ओर निकल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक रात में एक घर का पूरा सामान तक नदी में बह गया। सुबह होने पर वहां कुछ भी नहीं बचा।
स्थानीय ग्रामीणों ने विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय रहते कटावरोधी कार्य नहीं कराया गया, जिसका परिणाम अब सामने है। उनके अनुसार राधा-कृष्ण मंदिर भी कटाव की जद में था और देखते ही देखते नदी में समा गया। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू कराने तथा प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग की है।
कोसी बराज के कंट्रोल रूम के अनुसार, रविवार 13 सितंबर को सुबह 11 बजे बराज से डाउनस्ट्रीम में 1,37,345 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा था। ईस्टर्न कोसी मेन कैनाल में डिस्चार्ज शून्य, जबकि वेस्टर्न कोसी मेन कैनाल में 4,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस तरह कुल डिस्चार्ज 1,41,345 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो बढ़ने की स्थिति में है। इसी समय बराज कंट्रोल स्टेशन पर 99,500 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया।
कटाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए सुपौल डीएम सावन कुमार ने जल संसाधन विभाग के अभियंताओं और अधिकारियों को कटाव रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन की पहल से जल्द कटावरोधी कार्य शुरू होगा और प्रभावित लोगों को राहत मिल सकेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र