कोसी बाढ़-कटाव पीड़ितों के सवाल पर कोसी नव निर्माण मंच का धरना
सुपौल, 20 अगस्त (हि.स.)। कोसी बाढ़ एवं कटाव पीड़ितों की 10 सूत्री मांगों को लेकर कोसी नव निर्माण मंच (केएनएम) की ओर से गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित डिग्री कॉलेज चौक के समीप समक्ष धरना दिया गया।
धरना के बाद मंच के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को 10 सूत्री मांग पत्र सौंपा। जिलाधिकारी सावन कुमार ने मांग पत्र की समीक्षा करते हुए कुछ मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। धरना को संबोधित करते हुए कटाव पीड़ित राजेश मंडल, अखिलेश, मो. रऊफ, सुलेखा देवी, रेखा देवी, इशरत प्रवीण, बेबी समसुन सहित अन्य लोगों ने कोसी की बाढ़ और कटाव से उत्पन्न समस्याओं को सामने रखा।
पीड़ितों ने कहा कि कटाव के कारण उनके घर और घरेलू सामान नदी में बह गए। कई परिवारों के पास सुरक्षित स्थान पर बसने के लिए जमीन नहीं है। तटबंध के भीतर किसी तरह जीवन गुजार रहे परिवारों को बरसात के दौरान फिर बाढ़ का खतरा बना रहता है। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की। मंच के जिला अध्यक्ष आलोक राय ने 10 सूत्री मांग पत्र उपस्थित लोगों के समक्ष पढ़कर सुनाया और उनकी सहमति के बाद सभी के हस्ताक्षर से मांग पत्र तैयार किया गया। इसके बाद मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा गया। घोघररिया की मुखिया एकता यादव एवं माले नेता डॉ. अमित ने भी कोसी पीड़ितों की मांगों का समर्थन किया। मंच की प्रमुख मांगों में बेलागोठ, बगहा, पंचगछिया, खोखनहा, ढोली, सियानी, पिपराही सहित अन्य गांवों के ऐसे कटाव पीड़ित परिवारों को सरकारी जमीन अथवा पुनर्वास स्थल पर तत्काल बसाने की मांग शामिल है, जिनके पास रहने के लिए जमीन नहीं है।
साथ ही कटाव पीड़ितों को गृह क्षति का लाभ देने तथा पिछले वर्ष लालगंज, सोनवर्षा, बेला गोठ, पंचगछिया, खोखनहा सहित विभिन्न क्षेत्रों के कटाव पीड़ितों को लंबित गृह क्षति का भुगतान करने की मांग की गई। मंच ने आपदा प्रबंधन विभाग की बाढ़ संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) एवं निर्धारित मानदंड के अनुसार कोसी तटबंध के भीतर आए पानी को बाढ़ मानकर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने, तटबंध के भीतर सर्वे कराकर सभी पात्र परिवारों का पुनर्वास करने तथा अनुबंध पर रखी गई नावों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की। इसके अलावा पूर्व में कटाव पीड़ितों द्वारा बसाई गई बस्तियों में बिजली एवं रोशनी की व्यवस्था, जरूरत वाले स्थानों पर सरकारी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र खोलने, निःशुल्क कोसी छात्रावास स्थापित करने, तटबंध के भीतर उप स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना एवं संचालन, महिलाओं और बच्चों के नियमित टीकाकरण तथा बाढ़ के दौरान नाव के माध्यम से मेडिकल टीम भेजने की मांग भी की गई।
मंच ने कोसी पीड़ित विकास प्राधिकार को पुनः सक्रिय एवं प्रभावी बनाने, माफ लगान की वसूली पर रोक लगाने, भू-सर्वे की प्रक्रिया को सरल बनाने, कोसी तटबंध एवं स्परों पर बसे लोगों को हटाने से पहले उनका पुनर्वास सुनिश्चित करने, पुनर्वासित कोसी पीड़ितों को होल्डिंग टैक्स से मुक्त करने तथा कोसी की छाड़न धाराओं को पुनर्जीवित कर कोसी समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई। जिलाधिकारी ने मंच द्वारा सौंपे गए मांग पत्र को पढ़ते हुए कटाव पीड़ितों को गृह क्षति का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने पुनर्वास समेत अन्य मांगों पर भी नियमानुसार विचार कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महेंद्र यादव ने की, जबकि संचालन इंद्र नारायण सिंह ने किया। धरना के आयोजन में धर्मेंद्र, मनीष, प्रमोद राम, भीम सदा, जितेंद्र, बबीता एवं अर्चना सिंह सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया। मंच ने कहा कि यदि सितंबर तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो कोसी नव निर्माण मंच की ओर से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र