एचआईवी से डरें नहीं, सही जानकारी रखें और भेदभाव से बचें
सीवान, 11 सितंबर (हि.स.)। शहर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्रों को एचआईवी, एड्स के संक्रमण, बचाव और इससे जुड़े सामाजिक भेदभाव के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी सह संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार एवं आईसीटीसी प्रवेक्षक विभूति शरण ने छात्र-छात्राओं को एचआईवी/एड्स के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी।
डॉ. अशोक कुमार ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एचआईवी एक वायरस है, जो शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है। एचआईवी पॉजिटिव होना जीवन का अंत नहीं है। समय पर जांच, चिकित्सकीय सलाह और नियमित उपचार से एचआईवी से संक्रमित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।
उन्होंने कहा कि एचआईवी को लेकर समाज में कई तरह की गलत धारणाएं हैं, जिन्हें सही जानकारी के माध्यम से दूर करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि एचआईवी मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संपर्क, संक्रमित सुई या सिरिंज के दोबारा इस्तेमाल, संक्रमित रक्त चढ़ाने तथा संक्रमित मां से बच्चे में संक्रमण के माध्यम से फैल सकता है।
उन्होंने छात्रों को विशेष रूप से समझाया कि हाथ मिलाने, गले मिलने, साथ बैठने, साथ पढ़ने, साथ खाना खाने, एक ही बर्तन इस्तेमाल करने, खांसने-छींकने अथवा मच्छर के काटने से एचआईवी नहीं फैलता है। विभूति शरण ने कहा कि एचआईवी से बचाव के लिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। किसी व्यक्ति में संक्रमण की आशंका होने पर अफवाह या अनुमान के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय स्वास्थ्य केंद्र पर जांच और चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
उन्होंने छात्रों से कहा कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार तथा समाज में भी एचआईवी के संबंध में सही जानकारी पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि एचआईवी से संक्रमित व्यक्ति के साथ भेदभाव करना गलत है। हमें बीमारी से लड़ना है, व्यक्ति से नहीं। एचआईवी से जी रहे लोगों के साथ सम्मान, संवेदना और सामान्य व्यवहार करना सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य डीएन तिवारी, एआरटी के काउंसलर विकास श्रीवास्तव, सहयोगी संस्था के अश्विनी कुमार एवं नारायणी सेवा संस्थान के सुनील कुमार उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma