किशनपुर के पचगछिया में सरकारी जलमीनार नदी में समाई, 15 घर कटाव की भेंट
सुपौल, 31 जुलाई (हि.स.)। जिले के किशनपुर अंचल अंतर्गत मौजहा पंचायत के वार्ड संख्या 14 स्थित पचगछिया गांव में कोसी नदी का कटाव लगातार भयावह रूप लेता जा रहा है। शुक्रवार को नदी की तेज धारा के कारण सरकारी जल नल योजना के लिए निर्मित मिनी जलमीनार और उससे जुड़ा चदरा युक्त भवन कटकर नदी में समा गया।
यह जलमीनार ग्रामीण रामविलास कुमार के घर के समीप स्थापित था।घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि कोसी नदी के जलस्तर में कमी आने के साथ कटाव की रफ्तार और तेज हो जाती है। नदी लगातार आबादी की ओर बढ़ रही है, जिससे कई परिवारों के सामने विस्थापन का खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीण रामकुमार, रामेश्वर कुमार, जयराम यादव सहित अन्य लोगों ने बताया कि जल संसाधन विभाग के अधिकारी लगातार स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं, लेकिन अब तक कटाव रोकने के लिए कोई प्रभावी निरोधी कार्य शुरू नहीं किया गया है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से अविलंब कटाव निरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो कई और घर, सरकारी संपत्तियां तथा कृषि भूमि कोसी नदी में समा सकती हैं, जिससे भारी आर्थिक क्षति होगी।
किशनपुर के प्रभारी अंचलाधिकारी जियाउल कमर ने बताया कि अब तक कटाव की चपेट में आकर 15 घर नदी में विलीन हो चुके हैं। प्रभावित परिवारों का प्रतिवेदन तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों से प्राप्त निर्देश के अनुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र