पुलिस ने अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का किया पर्दाफाश, हत्या समेत सात कांडों का खुलासा

 


किशनगंज, 16 जुलाई (हि.स.)। किशनगंज पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के सरगना समेत पश्चिम बंगाल और बिहार के चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में चर्चित गीता देवी हत्याकांड का सफल उद्भेदन करने के साथ ही सुखानी, पौआखाली, कुर्लीकोट, पोठिया और ठाकुरगंज थाना क्षेत्रों में हुई चोरी व मंदिर चोरी के कुल सात मामलों का भी खुलासा किया है। आरोपितों के पास से हत्या में प्रयुक्त लोहे का रॉड, मोबाइल फोन, चोरी गया सोने का बेसर, सोना-चांदी के आभूषण, पीतल के बर्तन समेत बड़ी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया गया है।

गुरुवार को प्रभारी पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला ने बताया कि 15 मई 2026 की रात कुर्लीकोट थाना क्षेत्र के भैसालोटी गांव में चोरी के दौरान विरोध करने पर गीता देवी की हत्या कर दी गई थी। शुरुआती शिकायत में मृतका के पति पर आरोप लगाया गया था, लेकिन तकनीकी अनुसंधान और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले की गुत्थी सुलझा ली।एसडीपीओ-2 मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के नक्सलबाड़ी निवासी कुख्यात अपराधी नूर आलम उर्फ नाजीर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ चोरी के दौरान महिला के जाग जाने पर लोहे के रॉड से हमला करने और बाद में घटनास्थल से फरार होने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर इसराईल उर्फ भेलसा, तबिरउद्दीन और सलीम खान को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, गिरोह सीमावर्ती बिहार और पश्चिम बंगाल के क्षेत्रों में घरों और मंदिरों में सेंधमारी करता था। गिरफ्तार नूर आलम के खिलाफ बिहार और पश्चिम बंगाल में आठ से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि अन्य आरोपितों के आपराधिक इतिहास का भी सत्यापन किया जा रहा है।

बरामद सामान में सोने-चांदी के कई आभूषण, नौ साड़ियां, ब्लूटूथ स्पीकर, पीतल के बर्तन, चोरी में प्रयुक्त औजार तथा हत्या में इस्तेमाल लोहे का रॉड शामिल हैं। प्रभारी एसपी ने बताया कि इस सफल कार्रवाई में शामिल एसआईटी और छापेमारी दल के पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह