किसान रजिस्ट्री में लापरवाही पर होगी निलंबन की कार्रवाई, खरीफ महाभियान का हुआ आगाज

 


कटिहार, 08 जून (हि.स.)। जिले में शत-प्रतिशत 'फार्मर रजिस्ट्री' का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रशासन अब सख्त मूड में आ गया है। सोमवार को विकास भवन में आयोजित जिला स्तरीय खरीफ महाभियान-सह-कार्यशाला में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जो कर्मी सुबह 6:00 बजे अपने कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं होंगे और कार्य में शिथिलता बरतेंगे, उनके विरुद्ध सीधे निलंबन या चयनमुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी। खासकर बारसोई और अमदाबाद प्रखंड में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कार्य मूल्यांकन का निर्देश दिया है। इसके साथ ही छूटे हुए किसानों के लिए 9 जून से 11 जून तक तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाने का ऐलान किया गया है।

जिलाधिकारी ने किसानों के बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया और कृषि कर्मियों को निर्देश दिया कि वे किसानों को कार्ड में अनुशंसित मात्रा के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करने के लिए तकनीकी रूप से जागरूक करें।

जिला कृषि पदाधिकारी ने खेत में एक ही तरह के उर्वरक के अंधाधुंध उपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि मिट्टी को बचाने के लिए जिले में 1 जून से 30 जून तक 'खेत बचाओ अभियान' चलाया जा रहा है। इसके साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण के तहत त्रि-फसली प्रणाली (धान/सरसों/मूंग) को क्लस्टर में लागू करने पर जोर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि किसानों को विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अत्यंत महत्वपूर्ण है। 12 मई से चल रहे कैंप में प्रगति तो हुई है, लेकिन 100% लक्ष्य अभी दूर है। आगामी 9, 10 और 11 जून के विशेष अभियान में राजस्व विभाग के समन्वय से परिमार्जन और दाखिल खारिज की सूची के साथ शत-प्रतिशत रजिस्ट्री पूरी की जाएगी।

कार्यक्रम के अंत में उन कर्मियों की हौसला अफजाई भी की गई जिन्होंने फार्मर रजिस्ट्री के प्रथम और द्वितीय चरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। डंडखोरा, कोढ़ा, फलका, कदवा, मनिहारी और प्राणपुर के विभिन्न कृषि पदाधिकारियों व सलाहकारों के साथ-साथ कोढ़ा, डंडखोरा और आजमनगर के प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी व राजस्व कर्मचारियों को जिलाधिकारी द्वारा प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (राजस्व) सहित जिले के तमाम कृषि समन्वयक, तकनीकी प्रबंधक और किसान सलाहकार मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह